विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में विभिन्न महापापों के लिए विशिष्ट नरकों का वर्णन है।
रौरव नरक — सर्वाधिक भयंकर। गरुड़ पुराण में — 'रौरव नरक में एक बहुत बड़ा अग्निकुंड है जहाँ पापी आत्माओं को जलाया जाता है। इस नरक की भूमि हमेशा आग में जलती रहती है।' यह गोहत्या और हिंसा-पापियों के लिए है।
झूठ बोलने वालों के लिए — 'रौरव नरक भी नरक का एक प्रकार है जहाँ झूठ बोलने वाले जाते हैं।'
महापातक नरक — गुरु को धोखा देने वालों को इस नरक में कीड़े खाते हैं।
लोहशंकु नरक — निर्दोष की हत्या करने वालों को लोहे की कीलों से बींधा जाता है।
शल्मली नरक — झूठी गवाही देने वालों को कांटेदार पेड़ पर चढ़ाया जाता है।
सूकरमुख नरक — स्त्री का अपमान करने वालों को सूअर नोचते हैं।
कुंभीपाक नरक — महापापियों को खौलते तेल में डाला जाता है।
वैतरणी — गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में — ब्रह्महत्यारे, सुरापान करने वाले और गोघाती वैतरणी में महान दुःख भोगते हैं।





