ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
वास्तु शास्त्र⏱ 2 मिनट पठन

ऑफिस में वास्तु के अनुसार बैठने की दिशा क्या हो?

मालिक नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में बैठें, मुख उत्तर/पूर्व। कर्मचारी मुख उत्तर/पूर्व रखें। वित्त विभाग उत्तर में, मार्केटिंग वायव्य में।

संक्षिप्त उत्तर

मालिक नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में बैठें, मुख उत्तर/पूर्व। कर्मचारी मुख उत्तर/पूर्व रखें। वित्त विभाग उत्तर में, मार्केटिंग वायव्य में। पीठ पीछे ठोस दीवार हो, बीम के नीचे न बैठें।

📖

विस्तृत उत्तर

ऑफिस/कार्यालय में बैठने की दिशा पद और कार्य के अनुसार भिन्न होती है।

मालिक/CEO/प्रमुख

  • ▸बैठक — नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) में।
  • ▸मुख — उत्तर या पूर्व दिशा की ओर।
  • ▸पीठ — दक्षिण या पश्चिम दीवार की ओर (ठोस दीवार, खिड़की नहीं)।

कर्मचारी/टीम

  • ▸मुख — उत्तर या पूर्व दिशा की ओर।
  • ▸पीठ — पीछे ठोस दीवार हो, दरवाजा या खिड़की नहीं।

अकाउंट/वित्त विभाग

  • ▸उत्तर दिशा (कुबेर) में — धन संबंधी कार्य।

मार्केटिंग/बिक्री

  • ▸उत्तर-पश्चिम (वायव्य) — नेटवर्किंग और संवाद के लिए।

अन्य नियम

  1. 1प्रवेश द्वार — पूर्व या उत्तर में।
  2. 2रिसेप्शन — प्रवेश के तुरंत बाद, ईशान या पूर्व में।
  3. 3कॉन्फ्रेंस रूम — उत्तर-पश्चिम में।
  4. 4पैंट्री/किचन — आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में।
  5. 5शौचालय — वायव्य (उत्तर-पश्चिम) या नैऋत्य-दक्षिण क्षेत्र में।
  6. 6तिजोरी/कैश — दक्षिण दीवार से सटी, मुख उत्तर।
  7. 7इलेक्ट्रॉनिक्स (सर्वर आदि) — आग्नेय कोण में।

निषिद्ध

  • ▸मालिक की पीठ दरवाजे की ओर न हो।
  • ▸बीम (शहतीर) के ठीक नीचे न बैठें।
  • ▸शौचालय के बगल में बैठक न हो।
उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

ऑफिस में वास्तु के अनुसार बैठने की दिशा क्या हो को संदर्भ सहित समझें

ऑफिस में वास्तु के अनुसार बैठने की दिशा क्या हो का सबसे सीधा सार यह है: मालिक नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में बैठें, मुख उत्तर/पूर्व। कर्मचारी मुख उत्तर/पूर्व रखें। वित्त विभाग उत्तर में, मार्केटिंग वायव्य में। पीठ पीछे ठोस दीवार हो, बीम के नीचे न बैठें।

वास्तु शास्त्र जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

वास्तु शास्त्र श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

वास्तु शास्त्र प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

ऑफिसबैठने की दिशाकार्यालय वास्तुव्यापार
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

ऑफिस में वास्तु के अनुसार बैठने की दिशा क्या हो — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#ऑफिस#बैठने की दिशा#कार्यालय वास्तु#व्यापार