विस्तृत उत्तर
शिव महापुराण (शैव दर्शन) के अनुसार, सृष्टि से पूर्व केवल निराकार परब्रह्म (सदाशिव) सर्वत्र व्याप्त थे। उन सदाशिव से प्रकृति (शिवा या दुर्गा) प्रकट हुईं। सदाशिव और शिवा ने सर्वोपरि शिवलोक की रचना की। उनके वाम अंग से श्री विष्णु प्रकट हुए और विष्णु के नाभि कमल से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई। इस दार्शनिक मत के अनुसार शिव सर्वोपरि हैं और विष्णु उनके पालनहार स्वरूप हैं।





