विस्तृत उत्तर
वरुणास्त्र अत्यंत शक्तिशाली था लेकिन यह सर्वथा अपराजेय नहीं था। इसका सबसे प्रमुख प्रतिकार वायव्यास्त्र था। अर्जुन ने कर्ण द्वारा चलाए गए वरुणास्त्र से उत्पन्न घने बादलों को नष्ट करने के लिए वायव्यास्त्र (वायु का अस्त्र) का प्रयोग किया था। वायव्यास्त्र से उत्पन्न प्रचंड वायु ने उन बादलों को छिन्न-भिन्न कर दिया, अंधकार को दूर किया और वरुणास्त्र के प्रभाव को पूर्णतः समाप्त कर दिया। यह प्रसंग दर्शाता है कि कैसे एक प्राकृतिक तत्व (वायु) दूसरे (जल) पर प्रभुत्व स्थापित कर सकता है।
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