विस्तृत उत्तर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 'राहु' एक छाया ग्रह है जो जीवन में भ्रम, अचानक आने वाले कष्ट और मानसिक अशांति पैदा करता है। राहु की शांति के लिए दुर्गा उपासना सर्वश्रेष्ठ उपाय है, और अष्टमी तिथि राहु के दुष्प्रभावों को सीधे तौर पर नियंत्रित करती है। इसके अलावा, जिन कन्याओं के विवाह में निरंतर बाधाएँ आ रही हों, उनके लिए मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखकर 'कात्यायनी मंत्र' का जाप करना शास्त्रों में विवाह बाधा निवारण का अचूक और विशेष फलदायी उपाय बताया गया है।





