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कर्म प्रश्नोत्तरी — 106 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित कर्म विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 106 प्रश्न

नरक और महादेव

ऋषियों ने नरक के बारे में क्या पूछा?

ऋषियों ने पूछा कि किन कर्मों को करने या न करने से मनुष्य नरक को प्राप्त होते हैं।

ऋषि प्रश्ननरककर्म
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा से कर्म कैसे नष्ट होते हैं?

सप्ताह श्रवण को पाप जलाने वाली अग्नि और कर्म क्षीण करने वाला साधन कहा गया है।

कर्मपाप नाशभागवत कथा
लोक

कर्म का नियम भगवानों पर भी लागू होता है क्या?

कथा के अनुसार कर्म-विधान सब पर समान रूप से लागू होता है।

कर्मभगवानलक्ष्मी
लोक

भगवान विष्णु की कर्म वाली कथा क्या है?

यह कथा दिखाती है कि कर्म का नियम सब पर समान है।

भगवान विष्णुकर्मलक्ष्मी
लोक

लक्ष्मी जी गरीब किसान के घर क्यों गईं?

वे किसान माधव के श्रम का फल बिना अनुमति लेने के कारण उसके घर गईं।

लक्ष्मी जीगरीब किसानकर्म
लोक

सृष्टि का बीज क्या होता है?

सृष्टि-बीज भावी जगत और जीव-कर्मों का सूक्ष्म पुंज है।

सृष्टि बीजकर्मविष्णु
लोक

योगनिद्रा में जीवों के कर्म कहाँ जाते हैं?

वे विष्णु के भीतर अव्यक्त संस्कार रूप में सुरक्षित रहते हैं।

योगनिद्राकर्मजीव
लोक

28 अंश स्वयं यजमान से कैसे जुड़े हैं?

२८ अंश यजमान के अपने भोजन, तप और कर्मों से उपार्जित माने गए हैं।

28 अंशयजमान84 अंश
लोक

पितृ तत्त्व क्या है?

पितृ तत्त्व मृत पूर्वज की वह सूक्ष्म पितृ अवस्था है, जिसमें वह श्राद्ध और सपिण्डीकरण के बाद वसु, रुद्र या आदित्य देव वर्ग से जुड़ता है।

पितृ तत्त्वश्राद्धपितृलोक
लोक

मृत्यु के बाद आत्मा प्रेत क्यों बनती है?

आत्मा प्रेत तब बनती है जब श्राद्ध-पिण्डदान न हो, अकाल मृत्यु हो या घोर पापों के कारण उसे ऊर्ध्व गति न मिले।

मृत्यु के बाद आत्माप्रेत योनिश्राद्ध
लोक

यमपुरी में प्रवेश के बाद आत्मा का न्याय कैसे होता है?

यमपुरी में चित्रगुप्त कर्म-वृत्तांत पढ़ते हैं और यमराज उसी के आधार पर आत्मा का न्याय करते हैं।

यमपुरीआत्मा न्यायचित्रगुप्त
लोक

यमपुरी के द्वार कर्मों के आधार पर कैसे मिलते हैं?

यमपुरी में प्रवेश पाप, दान, सत्य, पितृसेवा, अहिंसा और योग-ज्ञान जैसे कर्मों के आधार पर अलग-अलग द्वारों से होता है।

यमपुरी द्वारकर्मपुण्य
लोक

यमपुरी के चार द्वार कौन-कौन से हैं?

यमपुरी के चार द्वार हैं: दक्षिण द्वार, पश्चिम द्वार, उत्तर द्वार और पूर्व द्वार। प्रवेश कर्मों के आधार पर होता है।

यमपुरीचार द्वारयमलोक
लोक

यमलोक में चित्रगुप्त का न्याय अंतिम क्यों माना जाता है?

चित्रगुप्त का कर्म-लेखा अकाट्य साक्ष्य है, इसलिए यमलोक में उनका न्याय अंतिम माना जाता है।

चित्रगुप्त न्याययमलोकअंतिम साक्ष्य
लोक

यमराज की सभा में पितृगण क्यों उपस्थित रहते हैं?

पितृगण यमराज की सभा में अपने वंशजों के कर्मों का अवलोकन करने के लिए उपस्थित रहते हैं।

पितृगणअग्निष्वात्तयमराज सभा
लोक

भगवद्गीता के अनुसार अधोलोकों में कौन जाते हैं?

गीता के अनुसार तमोगुणी और जघन्य गुणों में स्थित प्राणी नीचे के लोकों में जाते हैं।

भगवद्गीताअधोलोकतमोगुण
लोक

वितल लोक का पूरा महत्व क्या है?

वितल लोक हाटकेश्वर शिव, हाटकी नदी, हाटक स्वर्ण, भोग-विलास, अज्ञान, कर्म-फल और ईश्वर की सत्ता का महत्वपूर्ण अधोलोक है।

वितल महत्वहाटकेश्वर शिवहाटक स्वर्ण
लोक

वितल लोक के नीचे नरकों का वर्णन क्यों महत्वपूर्ण है?

यह वर्णन बताता है कि वितल भोग का स्थान है, पर पाप कर्म करने वाली आत्मा को उसके नीचे स्थित नरकों में जाना पड़ता है।

वितल नरकहाटकेश्वरकर्म
लोक

कौन से कर्म तलातल लोक की प्राप्ति कराते हैं?

भौतिक सुख, शक्ति, ऐश्वर्य, तंत्र-मंत्र और माया के दुरुपयोग से प्रेरित कर्म तलातल की प्राप्ति कराते हैं।

तलातल प्राप्तिकर्मतपस्या
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मरणोपरांत आत्मा की यात्रा में कर्मों की भूमिका क्या है?

कर्म आत्मा की गति तय करते हैं; यमराज चित्रगुप्त के कर्म-लेख के आधार पर स्वर्ग, उच्च लोक या नरक का निर्णय करते हैं।

कर्मआत्मा यात्रायमराज
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के बाद आत्मा की दुर्गति या सद्गति किस पर निर्भर करती है?

आत्मा की सद्गति या दुर्गति उसके कर्मों और परिजनों द्वारा किए गए शास्त्रीय अन्त्येष्टि, पिण्डदान व महादान पर निर्भर करती है।

दुर्गतिसद्गतिकर्म
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

चित्रगुप्त की पंजिका में क्या लिखा होता है?

चित्रगुप्त की पंजिका में जीव के जन्म से मृत्यु तक हर श्वास और कर्म का लेखा लिखा होता है।

चित्रगुप्त पंजिकाकर्मश्वास
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

चित्रगुप्त यमराज के दरबार में क्या करते हैं?

चित्रगुप्त जीव के कर्मों का लेखा पढ़ते हैं, जिसके आधार पर यमराज निर्णय करते हैं।

चित्रगुप्तयमराज दरबारकर्म
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

लिंग शरीर में कितने तत्त्व बताए गए हैं?

लिंग शरीर में सत्रह तत्त्व बताए गए हैं।

लिंग शरीर17 तत्त्वसूक्ष्म शरीर

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।