📖
विस्तृत उत्तर
चित्रगुप्त की अग्रसंधानी पंजिका में प्रत्येक जीव के जन्म से लेकर मृत्यु तक के एक-एक श्वास और कर्म का सूक्ष्म लेखा-जोखा लिखा होता है। यमराज के दरबार में चित्रगुप्त इसी लेखे को प्रस्तुत करते हैं। इसके आधार पर धर्मराज यम आत्मा के भाग्य का निर्णय करते हैं। सत्कर्म करने वाले जीवों को स्वर्ग या उच्च लोकों में भेजा जाता है और पाप करने वालों को उनके पापों के अनुसार विभिन्न नरकों में यातना के लिए भेजा जाता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





