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प्रेत योनि प्रश्नोत्तरी — 56 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रेत योनि विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 56 प्रश्न

लोक

माता-पिता का अपमान करने वाले को क्या फल मिलता है?

माता-पिता और गुरुजनों का तिरस्कार करने वाला कालसूत्र नरक की यातना और आगे प्रेत योनि जैसी गति पा सकता है।

माता पिता अपमानकालसूत्र नरकप्रेत योनि
लोक

गोहत्या करने वाले को वैतरणी और प्रेत योनि क्यों मिलती है?

गोहत्या महापातक है; ऐसा पापी वैतरणी की यातना भोगकर प्रेत योनि में आता है।

गोहत्यावैतरणीप्रेत योनि
लोक

गुरुपत्नी गमन का फल क्या बताया गया है?

गुरुपत्नी गमन करने वाला शाल्मली नरक में कांटों से भरे जलते वृक्षों का दंड भोगकर प्रेत योनि में आता है।

गुरुपत्नी गमनमहापातकशाल्मली नरक
लोक

स्वर्ण चोरी करने वाला प्रेत योनि क्यों पाता है?

स्वर्ण चोरी महापातक है; ऐसा जीव कुम्भीपाक नरक में दंड भोगकर प्रेत योनि में आता है।

स्वर्ण चोरीप्रेत योनिकुम्भीपाक
लोक

सुरापान करने वाले को कौन सा दंड मिलता है?

सुरापान करने वाला कुम्भीपाक या तपसुरी नरक में जाता है, जहाँ उसके मुख में खौलता पिघला धातु डाला जाता है।

सुरापानमहापातककुम्भीपाक
लोक

ब्रह्महत्या का प्रेत योनि से क्या संबंध है?

ब्रह्महत्या महापातक है; ऐसा पापी महारव नरक की यातना के बाद प्रेत योनि में आता है।

ब्रह्महत्याप्रेत योनिमहारव नरक
लोक

महापातक करने वाला प्रेत क्यों बनता है?

महापातक करने वाला जीव पहले नरक यातना भोगता है और फिर तामसिक कर्मों के कारण प्रेत योनि में आता है।

महापातकप्रेत योनिनरक
लोक

हत्या के बाद आत्मा प्रेत रूप में क्यों भटकती है?

हत्या अकाल और हिंसक मृत्यु है; अधूरी आयु, आसक्ति और संस्कार-अभाव से आत्मा प्रेत रूप में भटक सकती है।

हत्याप्रेत योनिअकाल मृत्यु
लोक

सर्पदंश या विषपान से मृत्यु प्रेत योनि का कारण क्यों है?

सर्पदंश और विषपान अकाल मृत्यु हैं; अधूरी आयु और आसक्ति के कारण आत्मा प्रेत योनि में जा सकती है।

सर्पदंशविषपानअकाल मृत्यु
लोक

जल में डूबने से मृत्यु के बाद आत्मा प्रेत क्यों बन सकती है?

जल में डूबना अकाल मृत्यु है; शेष आयु और आसक्ति के कारण आत्मा प्रेत रूप में भटक सकती है।

जल में डूबनाअकाल मृत्युप्रेत योनि
लोक

आत्महत्या के बाद प्रेत योनि क्यों मिलती है?

आत्महत्या अकाल मृत्यु है; आयु और आसक्ति शेष रहने से आत्मा प्रेत रूप में भटक सकती है।

आत्महत्याप्रेत योनिअकाल मृत्यु
लोक

कौन-कौन सी मृत्यु अकाल मृत्यु मानी गई है?

जल में डूबना, अग्नि में जलना, गिरकर मरना, सर्पदंश, विषपान, आत्महत्या और हत्या अकाल मृत्यु मानी गई हैं।

अकाल मृत्युगरुड़ पुराणप्रेत योनि
लोक

अकाल मृत्यु से प्रेत योनि क्यों मिलती है?

अकाल मृत्यु में जीव की आयु और आसक्ति शेष रहती है, इसलिए वह शेष आयु तक प्रेत रूप में भटक सकता है।

अकाल मृत्युप्रेत योनिगरुड़ पुराण
लोक

गरुड़ पुराण में प्रेत योनि के बारे में क्या कहा गया है?

गरुड़ पुराण प्रेत को वायव्य शरीर, तीव्र भूख-प्यास और पिण्डदान के अभाव से उत्पन्न दुखद अवस्था बताता है।

गरुड़ पुराणप्रेत योनिपिण्डदान
लोक

पिण्डदान न होने पर आत्मा प्रेत क्यों बनती है?

पिण्डदान और श्राद्ध न होने से आत्मा को पितृगति नहीं मिलती, इसलिए वह प्रेत बनकर दुखपूर्वक भटकती है।

पिण्डदानप्रेत योनिगरुड़ पुराण
लोक

प्रेत को भूख-प्यास क्यों लगती है?

प्रेत को सूक्ष्म शरीर में भूख-प्यास का अनुभव रहता है, पर भौतिक शरीर न होने से वह अन्न-जल ग्रहण नहीं कर पाता।

प्रेत भूख प्यासप्रेत योनिअतृप्ति
लोक

मृत्यु के बाद आत्मा प्रेत क्यों बनती है?

आत्मा प्रेत तब बनती है जब श्राद्ध-पिण्डदान न हो, अकाल मृत्यु हो या घोर पापों के कारण उसे ऊर्ध्व गति न मिले।

मृत्यु के बाद आत्माप्रेत योनिश्राद्ध
लोक

प्रेत योनि क्या है?

प्रेत योनि वह अवस्था है जिसमें शरीर छोड़ चुकी आत्मा नई योनि या पितृलोक न पाकर वायव्य सूक्ष्म देह में भूख-प्यास से भटकती रहती है।

प्रेत योनिगरुड़ पुराणसूक्ष्म शरीर
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

श्राद्ध अन्न प्रेत योनि में क्या बनता है?

प्रेत योनि में श्राद्ध अन्न रक्त बन जाता है।

श्राद्ध अन्नप्रेत योनिरक्त
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

नारायण बलि आत्मा को किससे मुक्त करता है?

नारायण बलि आत्मा को प्रेत योनि के कष्टों और 64 प्रकार की मृत्यु-बाधाओं से मुक्त करता है।

नारायण बलिमुक्तिप्रेत योनि
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

नारायण बलि क्या है?

नारायण बलि अकाल मृत्यु प्राप्त आत्मा को प्रेत योनि और मृत्यु-बाधाओं से मुक्त करने वाला अनुष्ठान है।

नारायण बलिअकाल मृत्युप्रेत योनि
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

आत्महत्या से मृत्यु को अकाल मृत्यु क्यों माना गया है?

आत्महत्या गरुड़ पुराण में अकाल मृत्यु के कारणों में शामिल है।

आत्महत्याअकाल मृत्युनारायण बलि
जीवन एवं मृत्यु

दूसरों को कष्ट देने वाले को कौन-सा नरक मिलता है?

दूसरों को कष्ट देने पर — प्रेत योनि, घोर नरक। 'निर्बल को सताने वाला प्रेत योनि में।' जरूरतमंद की मदद न करना — नरक। वैतरणी में ऋण-दंड। इस जन्म में भी कष्ट।

दूसरों को कष्टनरकप्रेत योनि
जीवन एवं मृत्यु

विश्वासघात करने वाले को कौन-सा नरक मिलता है?

विश्वासघाती को — असिपत्रवन नरक (तलवार-पत्ते काटते हैं), प्रेत योनि, तमिश्रम नरक। 'मित्रद्रोही = महापापी।' पुनर्जन्म में उल्लू योनि।

विश्वासघातअसिपत्रवनप्रेत योनि

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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