ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

भक्ति प्रश्नोत्तरी — 209 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित भक्ति विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 209 प्रश्न

वामदेव स्तुति

वामदेवाय मंत्र का क्या महत्व बताया गया है?

वामदेवाय मन्त्र को ब्रह्म कहा गया है और ब्रह्मा ने उसे पूर्व में लगाकर परम भक्ति से शिव की स्तुति की।

वामदेवाय मंत्रवामदेवशिव स्तुति
वामदेव स्तुति

वामदेव शिव की स्तुति कैसे की गई?

ब्रह्मा ने परम भक्ति से ब्रह्म अर्थात् वामदेवाय मन्त्र को पूर्व में लगाकर अनेक स्तुतियों से वामदेव शिव का स्तवन किया।

वामदेव स्तुतिब्रह्मावामदेवाय मंत्र
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से क्या लाभ होता है?

श्रीमद्भागवत सुनने से श्रीकृष्ण के प्रति प्रेममयी भक्ति उत्पन्न होती है और शोक, मोह तथा भय दूर होते हैं।

भागवत श्रवणभक्तिशोक मोह भय
श्रद्धा और शिवदर्शन

शिव का साक्षात दर्शन किससे मिलता है?

शिव का साक्षात दर्शन श्रद्धा से मिलता है; शिव ने कहा कि श्रद्धा से भक्त उन्हें वश में कर दर्शन पा सकता है।

शिव साक्षात दर्शनश्रद्धाभक्ति
श्रद्धा और शिवदर्शन

श्रद्धा से शिव को कैसे वश में किया जा सकता है?

शिव ने कहा कि मात्र श्रद्धा से भक्त उन्हें वश में कर सकता है और उनका दर्शन पा सकता है।

श्रद्धाशिव वशभक्त
ब्रह्मा और शिव संवाद

ब्रह्मा ने शिव का दर्शन कैसे किया?

ब्रह्मा ने गायत्री-उपासना से शिव का दर्शन किया और उसी भक्ति से दर्शन प्राप्त होना बताया गया।

ब्रह्माशिव दर्शनगायत्री उपासना
श्रद्धा और शिवदर्शन

शिव दर्शन किस साधन से मिलता है?

शिव दर्शन श्रद्धा से मिलता है; ब्रह्मा ने गायत्री-उपासना से शिव का दर्शन किया था।

शिव दर्शनश्रद्धाभक्ति
श्रद्धा और शिवदर्शन

शिव को कौन सा साधन वश में करता है?

शिव ने कहा कि वे केवल श्रद्धा से वश में किये जा सकते हैं।

शिव वशश्रद्धाभक्ति
शिवभक्ति

शिवभक्त के दर्शन से क्या फल मिलता है?

शिवभक्तों के दर्शनमात्र से प्राणियों को स्वर्ग आदि लोक सहज सुलभ हो जाते हैं।

शिवभक्तदर्शनस्वर्ग
शिवभक्ति

अपात्र व्यक्ति भी शिवभक्ति से कैसे योग्य बनता है?

पात्रता न होने पर भी परम शिवभक्ति अज्ञान का अंधकार दूर करती है और महेश्वर को प्रसन्न करती है।

अपात्रशिवभक्तिअज्ञान अंधकार
शिवभक्ति

शिवभक्ति से मुक्ति कैसे मिलती है?

सर्वव्यापी परमेश्वर शिव में भक्ति रखने वाला प्राणी निःसंदेह मुक्ति प्राप्त करता है।

शिवभक्तिमुक्तिपरमेश्वर
ज्ञान और भक्ति

शिव किस ज्ञान और भक्ति से प्रसन्न होते हैं?

जड़ जगत से ईश्वर को पृथक जानने वाले ज्ञान और श्रद्धायुक्त भक्ति से शिव प्रसन्न होते हैं।

शिव प्रसन्नताज्ञानभक्ति
ज्ञान और भक्ति

वास्तविक ज्ञान क्या है?

प्रकृति से परमाणु तक जड़ जगत के सभी पदार्थों से ईश्वर को पृथक जानना वास्तविक ज्ञान है।

वास्तविक ज्ञानईश्वरप्रकृति
शिव प्रसन्नता

शिव किन लोगों पर प्रसन्न होते हैं?

शिव संत, जितेन्द्रिय, धर्मज्ञ, साधु, आचार्य, दयावान्, तपस्वी, वैराग्यपरायण, ज्ञानी, दानी और सत्यवादी लोगों पर प्रसन्न होते हैं।

शिवमहेश्वरसंत
श्रीमद्भागवत

भगवान की माया को कैसे समझें?

नारदजी को संतों की कृपा से गुप्त ज्ञान मिला, जिससे वे भगवान की माया का प्रभाव समझ सके।

भगवान की मायाज्ञाननारद
श्रीमद्भागवत

रजोगुण और तमोगुण कैसे दूर होते हैं?

हरि के निर्मल यश का श्रद्धापूर्वक श्रवण करने से भक्ति प्रकट हुई, जिसने नारदजी के रजोगुण और तमोगुण को हटाया।

रजोगुणतमोगुणभक्ति
श्रीमद्भागवत

सत्संग से भक्ति कैसे पैदा होती है?

सत्संग में सेवा, प्रसाद, कृष्ण कथा और श्रद्धापूर्वक श्रवण से नारदजी के हृदय में भक्ति प्रकट हुई।

सत्संगभक्तिकृष्ण कथा
श्रीमद्भागवत

साधुओं की सेवा से मन कैसे शुद्ध होता है?

साधुओं की सेवा से नारदजी का चित्त शुद्ध हुआ, पाप नष्ट हुए और कृष्ण कथा में उनकी रुचि जागी।

साधु सेवामन शुद्धिनारद
श्रीमद्भागवत

भगवान की लीला सुनने से दुख कैसे मिटता है?

नारदजी कहते हैं कि हरि लीला का वर्णन दुखी लोगों के लिए संसार-सागर पार करने की नौका और शांति का उपाय है।

भगवान की लीलादुखहरि कथा
श्रीमद्भागवत

दुनियावी सुख के पीछे भागना क्यों ठीक नहीं?

नारदजी कहते हैं कि विषय-सुख कर्मफल से अपने आप मिलते हैं, जैसे दुख मिल जाता है; बुद्धिमान को परम लक्ष्य के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

दुनियावी सुखवैराग्यकर्मफल
श्रीमद्भागवत

भक्ति शुरू करके छूट जाए तो क्या नुकसान होता है?

नारदजी कहते हैं कि भगवान के चरणों का भजन शुरू करके बीच में छूट भी जाए तो भक्त का अमंगल नहीं होता।

भक्तिभजनभगवान
श्रीमद्भागवत

सिर्फ धर्म पालन से क्या भगवान मिलते हैं?

नारदजी कहते हैं कि केवल स्वधर्म पालन करने वाले और भगवान का भजन न करने वाले को वास्तविक लाभ क्या मिला, यह विचारणीय है।

धर्म पालनभक्तिस्वधर्म
श्रीमद्भागवत

सकाम कर्म से बचना क्यों जरूरी है?

नारदजी चेतावनी देते हैं कि विषयों में फँसे लोगों को सकाम कर्म मुख्य धर्म जैसा लग सकता है, इसलिए भगवान की भक्ति की दिशा जरूरी है।

सकाम कर्मधर्मभक्ति
श्रीमद्भागवत

कर्म बंधन से मुक्ति कैसे मिले?

कर्म बंधन से मुक्ति तब होती है जब वही कर्म भगवान की प्रसन्नता के लिए समर्पित होकर किए जाएँ।

कर्म बंधनमुक्तिभगवान को अर्पण

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।