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अर्जुन प्रश्नोत्तरी — 90 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित अर्जुन विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 90 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया?

अश्वत्थामा ने अर्जुन को अपनी ओर आते देखा, अपने को असहाय पाया और प्राण बचाने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया।

अश्वत्थामाब्रह्मास्त्रअर्जुन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र क्या था?

अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र ऐसा प्रचंड अस्त्र बताया गया है जिसका तेज सब दिशाओं में फैल गया और जिसे वह लौटाना नहीं जानता था।

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्रब्रह्मास्त्रकृष्ण
लोक

अर्जुन को दिव्य चक्षु क्यों मिला?

क्योंकि विश्वरूप सामान्य आँखों से देखा नहीं जा सकता।

अर्जुनदिव्य चक्षुविश्वरूप
लोक

अर्जुन ने हिरण्यपुर का विनाश कैसे किया?

अर्जुन ने दिव्यास्त्र, वज्रास्त्र और ब्रह्मास्त्र से निवातकवचों को मारकर हिरण्यपुर को ध्वस्त किया।

हिरण्यपुर विनाशअर्जुननिवातकवच
लोक

इंद्र ने अर्जुन को रसातल क्यों भेजा?

इंद्र ने अर्जुन को रसातल निवातकवच और कालेय असुरों का वध करने गुरु-दक्षिणा के रूप में भेजा।

इंद्रअर्जुनरसातल
लोक

निवातकवचों का वध किसने किया?

निवातकवचों का वध अर्जुन ने इंद्र की आज्ञा से रसातल में किया।

निवातकवच वधअर्जुनरसातल
लोक

अर्जुन का रसातल से क्या संबंध है?

अर्जुन रसातल इसलिए गए थे क्योंकि इंद्र ने उन्हें निवातकवच और कालेय असुरों का वध करने भेजा था।

अर्जुनरसातलनिवातकवच
लोक

रसातल लोक में निवातकवच कौन हैं?

निवातकवच रसातल के शक्तिशाली असुर हैं जिनका कवच वायु से भी अभेद्य था और जो हिरण्यपुर में रहते थे।

निवातकवचरसातलहिरण्यपुर
लोक

अर्जुन ने मय दानव को कैसे बचाया?

खांडव वन दहन के समय मय दानव अर्जुन की शरण में आए और अर्जुन ने उन्हें प्राणदान दिया।

अर्जुनमय दानवखांडव वन
लोक

मय दानव ने मय सभा क्यों बनाई?

अर्जुन द्वारा प्राणदान मिलने की कृतज्ञता में मय दानव ने युधिष्ठिर के लिए मय सभा बनाई।

मय सभामय दानवअर्जुन
पाशुपत अस्त्र साधना

महाभारत के अनुसार अर्जुन ने पाशुपतास्त्र कैसे प्राप्त किया था?

अर्जुन ने भगवान शिव की तपस्या कर मंत्र, उपसंहार और प्रायश्चित सहित पाशुपतास्त्र प्राप्त किया था।

अर्जुनमहाभारतशिव
इतिहास एवं पुराण

राजा बभ्रुवाहन किस युग में किस नगर में रहते थे?

बभ्रुवाहन अर्जुन के पुत्र थे जो द्वापर युग में मणिपुर नगर के राजा थे। इनका संबंध महाभारत (अश्वमेध पर्व) से है — गरुड़ पुराण में इनका कोई उल्लेख नहीं मिलता।

बभ्रुवाहनमणिपुरअर्जुन
भक्ति एवं आध्यात्म

सख्य भक्ति क्या है?

सख्य भक्ति में भगवान को अपना परम मित्र मानकर उनसे बिना किसी भय या औपचारिकता के सहज संवाद किया जाता है। अर्जुन-कृष्ण और सुदामा-कृष्ण का संबंध इसका आदर्श उदाहरण है। इसमें भगवान पर वही पूर्ण विश्वास और खुलापन होता है जो एक सच्चे मित्र पर होता है।

सख्य भक्तिमित्र भावअर्जुन
महाभारत

कृष्ण ने अर्जुन को गीता क्यों सुनाई?

कुरुक्षेत्र में युद्ध से पहले अर्जुन अपने स्वजनों को देखकर मोह और शोक में डूब गए और युद्ध करने से इनकार कर बैठे। उनके इस अज्ञानजनित मोह को दूर करने और धर्म के सही स्वरूप को समझाने के लिए श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।

गीताकृष्णअर्जुन
गीता परिचय

भगवद गीता किसने लिखी?

भगवद गीता महर्षि वेदव्यास रचित महाभारत (भीष्म पर्व) का भाग है — किंतु ज्ञान भगवान श्री कृष्ण का है जो उन्होंने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में सुनाया। 18 अध्याय, 700 श्लोक। सांख्य योग, कर्म योग, भक्ति योग और ज्ञान योग — चार मुख्य मार्ग।

भगवद गीतावेदव्यासकृष्ण
अस्त्र शस्त्र

अश्वत्थामा के माथे की मणि क्यों निकाली गई?

द्रौपदी के पाँचों पुत्रों और उत्तरा के गर्भ पर हमले की सजा के रूप में अर्जुन ने मणि निकाली और कृष्ण ने श्राप दिया — उस घाव के साथ अनंत काल भटकना। मणि द्रौपदी के सुझाव पर ली गई।

अश्वत्थामा मणिद्रौपदीअर्जुन
महाभारत

अर्जुन का गांडीव धनुष कहाँ से मिला?

गांडीव धनुष मूलतः वरुणदेव के पास था जिसे उन्होंने अग्निदेव को दिया। खांडव वन दाह के समय अग्निदेव ने अर्जुन को यह दिव्य धनुष और अक्षय तरकश प्रदान किया। इसीलिए अर्जुन 'गांडीवधारी' कहलाए।

गांडीवअर्जुनअग्निदेव
अस्त्र शस्त्र

गांडीव धनुष अर्जुन को कैसे मिला?

खांडव वन दहन प्रसंग में अग्निदेव की सहायता पर, वरुणदेव ने गांडीव धनुष और दो अक्षय तरकश अर्जुन को दिए। अग्निदेव ने यह धनुष अर्जुन के लिए वरुण से लाया था।

गांडीवअग्नि देवखांडव वन

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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