ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

स्तोत्र फल

विष्णु स्तोत्र पढ़ने से क्या फल मिलता है?

विष्णु स्तोत्र का पाठ करने वाला, पापकर्म में लिप्त होने पर भी, ब्रह्मलोक को प्राप्त करता है।

विष्णु स्तोत्रस्तोत्र पाठपुण्य
शिव नाम

वेदगर्भ और विश्वगर्भ क्या हैं?

वेदगर्भ, गर्भरूप और विश्वगर्भ शिव के नामों के रूप में आए हैं; उन्हें वेदशास्त्ररूप और भुवनेशदेव भी कहा गया है।

वेदगर्भविश्वगर्भगर्भरूप
शिव रूप

शिव के सर्प आभूषण कैसे हैं?

शिव को भुजंग कंकण, सर्प बाजूबन्द, सर्प जनेऊ, सर्प कुण्डल, सर्प माला और सर्प कटिसूत्र धारण करने वाला कहा गया है।

सर्प आभूषणभुजंगकुण्डल
शिव नाम

पार्वतीपति और उमापति कौन हैं?

पार्वतीपति और उमापति शिव को कहा गया है; उसी स्थान पर उन्हें हिरण्यबाहु और सुवर्णवीर्य भी नमस्कार किया गया है।

पार्वतीपतिउमापतिहिरण्यबाहु
शिव रूप

नीलकंठ शिव कैसे हैं?

शिव को ज्ञानरूप, ज्ञानगम्य, चैतन्यरूप, नीलकंठ, नीलकेश और शितिकंठ कहा गया है।

नीलकंठशितिकंठनीलकेश
शिव रूप

अर्धनारीश्वर रूप क्या है?

अर्धनारीश्वर रूप में शिव को अर्धनारी का शरीर धारण करने वाला, अव्यक्त और ग्यारह रूपों में परिवर्तित स्थाणु कहा गया है।

अर्धनारीश्वरअव्यक्तस्थाणु
प्रणव रूप

शिव ओंकार और सर्वज्ञ कैसे हैं?

स्तुति में शिव को भगवान्, सर्पों के पति, ओंकार और सर्वज्ञ कहा गया है।

ओंकारसर्वज्ञशिव
मोक्ष

शिव मोक्ष कैसे देते हैं?

शिव को मोक्ष, मोक्षरूप और मोक्ष प्रदान करने वाला कहा गया है; साथ ही वे आत्मास्वरूप, स्वामी और व्यापक शिव हैं।

मोक्षमोक्षदातामोक्षरूप
सृष्टि-पालन-संहार

शिव सृष्टि, पालन, संहार कैसे करते हैं?

शिव को जल के मध्य स्थित, ब्रह्मा-विष्णु के मध्य प्रकाशमान, सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता, संहारकर्ता और मृत्युस्वरूप ईश्वर कहा गया है।

सृष्टिपालनसंहार
विश्वव्यापक शिव

शिव इन्द्रियों के विषयों में कैसे हैं?

शिव को शब्द, स्पर्श, रस और गंध स्वरूप कहा गया है; उन्हें गंधी और गणों का अधिपति भी नमस्कार किया गया है।

शब्दस्पर्शरस
विश्वव्यापक शिव

शिव पंचभूतों में कैसे हैं?

शिव को जल, वायु, तेज, पृथ्वी और अंतरिक्ष में व्याप्त रूप से नमस्कार किया गया है।

पंचभूतशिवजल
लिंग रूप

लिंग और लिंगी क्या हैं?

विष्णु स्तुति में शिव को ऊर्ध्व लिंग, लिंगी, हेमलिंग, जललिंग और शिवलिंग रूप में नमस्कार किया गया है।

लिंगलिंगीऊर्ध्व लिंग
प्रणव रूप

अकार, उकार, मकार क्या हैं?

अकार को परमात्मा, उकार को आदिदेव विद्यादेह और मकार को परमात्मा शिव कहा गया है।

अकारउकारमकार
प्रणव रूप

प्रणवरूप रुद्र कौन हैं?

प्रणवरूप रुद्र अद्वितीय और नाशरहित हैं; स्तुति में अकार, उकार और मकार रूप परमात्मा को भी नमस्कार किया गया है।

प्रणवरूप रुद्ररुद्रओंकार
विष्णु स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति कैसे की?

विष्णु ने शिव को अनेक नामों और रूपों से नमस्कार किया, जैसे प्रणवरूप रुद्र, महादेव, ईशान, लिंग, लिंगी, ओंकार और सर्वज्ञ।

विष्णुशिव स्तुतिमहेश्वर
विष्णु स्तुति

विष्णु स्तुति क्या है?

विष्णु स्तुति वह स्तोत्र है जिसमें विष्णु ने रुद्र, शिव, महेश्वर, ओंकार, मोक्षदाता और विश्वगर्भ रूपों को नमस्कार किया।

विष्णु स्तुतिमहेश्वरशिव
शिव स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति क्यों की?

विष्णु ने वेद-वाक्य से शिव को जानकर, उमा-महेश्वर और पाँच मंत्रों का दर्शन पाकर वरदाता ईशान परमेश्वर की स्तुति की।

विष्णुशिव स्तुतिमहादेव
पाँच शिव मंत्र

पाँच शिव मंत्रों का क्या महत्व बताया गया है?

इन पाँच मंत्रों को शिव के अंगों से जोड़ा गया है: ईशान मुकुट, तत्पुरुष मुख, अघोर हृदय, वामदेव गुह्यस्थान और सद्योजात चरण।

पाँच शिव मंत्रईशानतत्पुरुष
पाँच शिव मंत्र

वामदेव मंत्र क्या है?

वामदेव मंत्र सामवेद से उत्पन्न, रक्तवर्ण, तेरह कलाओं से युक्त और छाछठ अक्षरों वाला बताया गया है।

वामदेव मंत्रसामवेदरक्तवर्ण
पाँच शिव मंत्र

सद्योजात मंत्र क्या है?

सद्योजात मंत्र यजुर्वेद से उत्पन्न, आठ कलाओं वाला, श्वेतवर्ण, शान्तिकारक और पैंतीस अक्षरों से युक्त बताया गया है।

सद्योजात मंत्रयजुर्वेदश्वेतवर्ण
पाँच शिव मंत्र

अघोर मंत्र क्या है?

अघोर मंत्र अथर्ववेद से उत्पन्न, आठ कलाओं से युक्त, तैंतीस अक्षरों वाला और कृष्णवर्ण बताया गया है।

अघोर मंत्रअथर्ववेदआठ कला
पाँच शिव मंत्र

तत्पुरुष मंत्र क्या है?

तत्पुरुष मंत्र गायत्री से उत्पन्न, चार कलाओं वाला, चौबीस अक्षरों से युक्त और हरित वर्ण का बताया गया है।

तत्पुरुष मंत्रगायत्रीचार कला
पाँच शिव मंत्र

ईशान मंत्र क्या है?

ईशान मंत्र ओंकार से उत्पन्न, पाँच कलाओं वाला, बुद्धिविवर्धक, धर्म-अर्थ सिद्ध करने वाला और शुद्ध स्फटिक जैसा शुभ्र बताया गया है।

ईशान मंत्रओंकारपाँच कला
शब्दमय शिव

अक्षरों से शिव का शरीर कैसे बताया गया है?

अक्षरों से शिव के अंग बताए गए हैं: अकार मस्तक, आकार ललाट, इकार-ईकार नेत्र, मकार हृदय, हकार आत्मा और क्षकार क्रोध कहा गया है।

अक्षर शरीरशिववर्णमाला

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।