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अघोर मंत्र प्रश्नोत्तरी — 25 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित अघोर मंत्र विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 25 प्रश्न

तंत्र साधना

दुश्मन को शांत करने का अघोर मंत्र

अकारण परेशान कर रहे शत्रु की बुद्धि को स्तंभित और शांत करने के लिए दक्षिण मुख होकर भगवान शिव के अघोर मंत्र ('ॐ अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो...') का जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।

अघोर मंत्रशिवशत्रु शांति
पाँच शिव मंत्र

अघोर मंत्र क्या है?

अघोर मंत्र अथर्ववेद से उत्पन्न, आठ कलाओं से युक्त, तैंतीस अक्षरों वाला और कृष्णवर्ण बताया गया है।

अघोर मंत्रअथर्ववेदआठ कला
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र का रोज जप क्यों करें?

सभी पापों से मुक्ति के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अघोर मंत्र का नित्य जप करने के लिए कहा गया है।

अघोर मंत्रनित्य जपद्विज
पाप मुक्ति

जन्म-जन्मांतर के पाप कैसे मिटते हैं?

अघोर मंत्र से अभिमंत्रित पंचगव्य, हवन, शिवस्नान, उपवास, पंचगव्य पान और गायत्री जप की विधि से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति कही गई है।

जन्म जन्मांतर पापअघोर मंत्रपंचगव्य
शिव स्नान

शिव स्नान की विधि क्या है?

अघोर मंत्र जपते हुए आठ द्रोण घी से देवेश शिव को स्नान कराकर बाद में शुद्ध जल से स्नान कराने का विधान है।

शिव स्नानघी स्नानअघोर मंत्र
हवन विधि

अघोर मंत्र से हवन कैसे करें?

अघोर मंत्र जपकर घी, चरु, समिध, तिल, यव और धान्य से अलग-अलग सात-सात आहुति देने का विधान है।

अघोर मंत्रहवनघी
पंचगव्य विधि

पंचगव्य विधि क्या है?

पंचगव्य विधि में कपिला गाय का मूत्र, गोबर, घी, दूध, दही और कुशजल लेकर अघोर मंत्र से अभिमंत्रित करने का विधान है।

पंचगव्यकपिला गायअघोर मंत्र
जप विधान

मानस, उपांशु और वाचिक जप कितना बताया गया है?

संसर्गजन्य पाप के लिए एक लाख मानस जप, उसका चार गुना उपांशु जप और आठ गुना वाचिक जप बताया गया है।

मानस जपउपांशु जपवाचिक जप
संसर्ग दोष

पापी के संपर्क का दोष कैसे मिटता है?

पापी के संपर्क से लगे दोष के लिए दस हजार जप बताया गया है; संसर्गजन्य पाप शमन के लिए मानस, उपांशु या वाचिक जप का विधान भी है।

संसर्ग दोषपापी का संपर्कअघोर मंत्र
पाप प्रायश्चित

चोरी के पाप से मुक्ति कैसे मिलती है?

ब्राह्मण का धन हरण करने वाले और स्वर्ण चोरी करने वाले के लिए दस लाख अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।

चोरीस्वर्ण चोरीब्राह्मण धन
दैनिक आचार

बिना स्नान-पूजा भोजन करने का उपाय क्या है?

बिना स्नान, गायत्री-जप, अग्निहोत्र या देव-अतिथि भोजन कराए बिना भोजन करने वाले द्विज के लिए एक हजार जप बताया गया है।

बिना स्नान भोजनगायत्री जपअग्निहोत्र
महापातक प्रायश्चित

सुरापान का प्रायश्चित क्या है?

सुरापान करने वाले के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप और वारुणी पीने वाले के लिए पचास हजार जप बताया गया है।

सुरापानमद्यपानअघोर मंत्र
पाप प्रायश्चित

गोहत्या और स्त्रीहत्या का उपाय क्या है?

गोहत्या, कृतघ्नता और स्त्रीहत्या जैसे पापों के लिए दस हजार अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।

गोहत्यास्त्रीहत्याकृतघ्न
पाप प्रायश्चित

क्रोध में किए पाप कैसे मिटते हैं?

क्रोधपूर्वक किए गए पापों के लिए अघोर मंत्र का आठ गुना जप बताया गया है।

क्रोध में पापअघोर मंत्रआठ गुना जप
पाप प्रायश्चित

जानबूझकर किए पाप कैसे मिटते हैं?

जानबूझकर किए गए पापों के लिए अघोर मंत्र का चार गुना जप बताया गया है।

जानबूझकर पापबुद्धिपूर्वक पापअघोर मंत्र
मानसिक-वाचिक पाप

मन के पाप कैसे मिटते हैं?

मानसिक पापों के लिए वाचिक पाप की जप-संख्या से भी आधा अघोर मंत्र जप बताया गया है।

मानसिक पापमन के पापअघोर मंत्र
मानसिक-वाचिक पाप

वाणी के पाप कैसे मिटते हैं?

वाचिक पापों के लिए अघोर मंत्र का पचास हजार जप बताया गया है, क्योंकि ब्रह्महत्या के एक लाख जप का आधा वाचिक पाप के लिए कहा गया है।

वाचिक पापवाणी के पापअघोर मंत्र
महापातक प्रायश्चित

ब्रह्महत्या का प्रायश्चित क्या है?

ब्रह्महत्या के लिए एक लाख अघोर मंत्र जप से मुक्ति कही गई है; दूसरे स्थान पर ऐसे नराधम के लिए दस लाख मानस जप भी बताया गया है।

ब्रह्महत्याप्रायश्चितअघोर मंत्र
महापातक प्रायश्चित

महापातक से मुक्ति कैसे बताई गई है?

महापातक से मुक्ति के लिए अघोर मंत्र जप, पंचगव्य-विधि, हवन, शिवस्नान, उपवास और गायत्री जप का विधान बताया गया है।

महापातकब्रह्महत्यासुरापान
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र से कौन से पाप मिटते हैं?

अघोर मंत्र से महापातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक, मिश्रित, प्रासंगिक और जानबूझकर किए गए पापों का नाश बताया गया है।

अघोर मंत्रपाप मुक्तिमहापातक
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र क्यों जपा जाता है?

अघोर मंत्र सभी प्रकार के पातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक और अनेक पापों की शुद्धि के लिए जपा जाता है।

अघोर मंत्रअघोरेश्वरशिव
मंत्र और स्तोत्र

महोदरेश्वर गुप्त शिवलिंग की शास्त्रसम्मत पूजन-विधि और ध्यान मंत्र क्या हैं?

पूजा एकांत और आडंबर-रहित होनी चाहिए। सात्त्विक (ध्यायेन्नित्यं महेशं...) और अघोर ध्यान मंत्र (अघोरेभ्यो नमो नित्यं...) के पश्चात पञ्चामृत स्नान, भस्म-लेपन और ॐ नमः शिवाय का मानसिक जाप करना चाहिए।

महोदरेश्वर पूजन विधिशिव ध्यान मंत्रअघोर मंत्र
मंत्र और स्तोत्र

महाकालेश्वर शिवलिंग के पूजन, अभिषेक और ध्यान के लिए किन वैदिक और तांत्रिक मंत्रों का प्रयोग करना चाहिए?

पूजा के लिए स्कंद पुराण का 'ॐ हूँ विश्वमूर्तये नमः', अकाल मृत्यु भय नाशक महाकालेश्वर गायत्री (ॐ महाकालेश्वराय विद्महे...), अघोर ध्यान मंत्र और शुद्धि के लिए आत्मतत्त्व शोधन मंत्र का प्रयोग करना शास्त्रसम्मत है।

वैदिक मंत्रतांत्रिक मंत्रमहाकालेश्वर गायत्री
तंत्र और अघोर साधना

अघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है?

महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं। यहाँ 'अघोर मंत्र' का जप करने से साधक के कर्म-बंधन, भय और द्वैत मिट जाते हैं तथा काल-स्तम्भन का अनुभव होता है।

अघोर साधनावामाचारकीनाराम परंपरा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।