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प्रश्न प्रकार

ब्रह्मा कैसे सम्बन्धित प्रश्न(73)

ब्रह्मा कैसे पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 73 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  ब्रह्मा को ब्रह्मदेव, स्वयंभू, हिरण्यगर्भ के रूप में भी जाना जाता है।

ब्रह्मा क्यों (62)ब्रह्मा कैसे (73)ब्रह्मा कौन (28)
ब्रह्मा कैसे पर पूछे गए प्रश्न
  1. ब्रह्मा की रात्रि समाप्त होने पर ऋषि महर्लोक में कैसे लौटते हैं?
  2. प्रलय के बाद भुवर्लोक का पुनर्निर्माण कैसे होता है?
  3. ब्रह्मा के रजोगुण से तीन लोकों की रचना कैसे हुई?
  4. नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा सामान्य शिवलिंग से कैसे अलग होती है?
  5. यमराज को कालदण्ड कैसे मिला?
लोक

ब्रह्मा की रात्रि समाप्त होने पर ऋषि महर्लोक में कैसे लौटते हैं?

ब्रह्मा की रात्रि समाप्त होने पर भृगु आदि ऋषि अपनी योग-शक्ति से जनलोक से महर्लोक में लौट आते हैं और सृष्टि-सम्बन्धी अधिकार पुनः ग्रहण करते हैं।

#ब्रह्मा रात्रि#महर्लोक#ऋषि लौटना
लोक

प्रलय के बाद भुवर्लोक का पुनर्निर्माण कैसे होता है?

प्रलय में जलमग्न त्रैलोक्य में नारायण शेषनाग पर शयन करते हैं। जब ब्रह्मा का अगला दिन (कल्प) शुरू होता है तब वे अपने रजोगुण से भुवर्लोक सहित तीनों लोकों का पुनर्निर्माण करते हैं।

#प्रलय#पुनर्निर्माण#भुवर्लोक
लोक

ब्रह्मा के रजोगुण से तीन लोकों की रचना कैसे हुई?

भागवत के अनुसार ब्रह्मा जी ने अपने तपोबल और रजोगुण से भूः, भुवः और स्वः की रचना की। रजोगुण से उत्पन्न होने के कारण ये तीनों परिवर्तनशील और नश्वर हैं।

#ब्रह्मा#रजोगुण#तीन लोक
शिव पूजा विधि

नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा सामान्य शिवलिंग से कैसे अलग होती है?

नर्मदेश्वर शिवलिंग (बाणलिंग) स्वयंभू है — प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक (शिव पुराण)। घर में 6 इंच तक स्थापित कर सकते हैं। हजारों सामान्य शिवलिंग पूजा का फल दर्शन मात्र से प्राप्त। सामान्य शिवलिंग में प्राण प्रतिष्ठा, विस्तृत विधि अनिवार्य। जलधारी का मुख उत्तर दिशा में रखें।

#नर्मदेश्वर शिवलिंग#बाणलिंग#नर्मदा
दिव्यास्त्र

यमराज को कालदण्ड कैसे मिला?

यमराज को कालदण्ड स्वयं सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने प्रदान किया था ताकि वे जीवों के कर्मों का न्याय कर सकें।

#कालदण्ड#यमराज#ब्रह्मा
सृष्टि तत्त्व

शिव बीजी, ब्रह्मा बीज और विष्णु योनि कैसे हैं?

विष्णु ने कहा कि शिव बीजवान् हैं, ब्रह्मा बीज हैं और वे स्वयं योनि हैं; शिव के लिंग से निकला बीज विष्णु की योनि में गिरा।

#बीजी#बीज#योनि
नाभिकमल

ब्रह्मा विष्णु की नाभि से बाहर कैसे आए?

सभी द्वार बंद देखकर ब्रह्मा ने अत्यन्त सूक्ष्म रूप धारण किया, नाभि में मार्ग पाया और कमलनाल से बाहर आए।

#ब्रह्मा#विष्णु नाभि#कमलनाल
नाभिकमल

ब्रह्मा का जन्म कमल से कैसे हुआ?

विष्णु ने अपनी नाभि से एक विशाल कमल उत्पन्न किया; बाद में ब्रह्मा कमलनाल के सहारे नाभि से बाहर आकर उसी कमल पर शोभित हुए।

#ब्रह्मा#कमल जन्म#नाभिकमल
ब्रह्मा-विष्णु

ब्रह्मा और विष्णु शिव से कैसे जुड़े हैं?

महादेव ने कहा कि ब्रह्मा उनके दाएँ अंग से और विश्वात्मा विष्णु उनके बाएँ अंग से उत्पन्न हुए हैं।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
शिव तत्त्व

शिव सृष्टि, पालन और संहार कैसे करते हैं?

महादेव ने कहा कि वे निष्कल परमेश्वर ही ब्रह्मा, विष्णु और भव रूपों में सृजन, पालन और संहार से युक्त हैं।

#सृष्टि#पालन#संहार
शिव भक्ति

ब्रह्मा और विष्णु को शिव भक्ति कैसे मिली?

महादेव के प्रसन्न होने पर विष्णु ने दृढ़ भक्ति का वर माँगा और महादेव ने दोनों को अचल श्रद्धा-भक्ति दी।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव भक्ति
शिवलिंग पूजा

शिवलिंग पूजा की शुरुआत कैसे हुई?

ब्रह्मा-विष्णु को वर देकर महादेव के अन्तर्धान होने के बाद लोकों में शिवलिंग पूजन की प्रसिद्धि फैल गई।

#शिवलिंग पूजा#महादेव#ब्रह्मा
सृष्टि क्रम

आकाश और पृथ्वी की उत्पत्ति कैसे बताई गई है?

स्वर्ण अंड के ऊपरी पवित्र कपाल से आकाश और नीचे के भाग से पाँच लक्षणों वाली पृथ्वी की उत्पत्ति बताई गई है।

#आकाश#पृथ्वी#स्वर्ण अंड
सृष्टि क्रम

स्वर्ण अंड से सृष्टि कैसे हुई?

लिंगरूप प्रणव से बीज योनि में स्थित होकर बढ़ा, स्वर्ण अंड बना और परमेश्वर ने उसे दो भागों में विभाजित किया।

#स्वर्ण अंड#सृष्टि#प्रणव
त्रिदेव और ओम्

ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संबंध ओम् से कैसे बताया गया है?

ओम् से अकाररूप ब्रह्मा, उकाररूप विष्णु और मकाररूप नीललोहित शिव का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
लिंगोद्भव

शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई?

ब्रह्मा और विष्णु के विवाद को दूर करने तथा ज्ञान देने के लिए समुद्र में ज्योतिर्मय, आदि-अन्तहीन लिंग प्रकट हुआ।

#शिवलिंग#लिंगोद्भव#ब्रह्मा
अघोर दर्शन

अघोर शिव ने ब्रह्मा को दर्शन कैसे दिया?

ब्रह्मा ने ध्यान और शरणागति से अघोर को ब्रह्मस्वरूप मानकर ध्यान किया, तब अघोर महादेव ने उन्हें साक्षात् दर्शन दिया।

#अघोर दर्शन#ब्रह्मा#ध्यान
अघोर उपासना

प्राणायाम और ध्यान से शिव की उपासना कैसे बताई गई है?

ध्यानयुक्त मन, प्राणायाम और हृदय में महेश्वर को धारण करके अघोररूप परमेश्वर की शरण लेना उपासना रूप में बताया गया है।

#प्राणायाम#ध्यान#उपासना
ब्रह्मा और अघोर

ब्रह्मा ने अघोर शिव की शरण कैसे ली?

ब्रह्मा ने अघोर शिव को महादेव जानकर प्रणाम किया, प्राणायाम और ध्यान से महेश्वर को हृदय में धारण किया और उनकी शरण ली।

#ब्रह्मा#अघोर#शरणागति
ब्रह्मा और अघोर

ब्रह्मा का वर्ण काला कैसे हुआ?

प्रजासृष्टि की इच्छा से चिंतनमग्न और पुत्रकामना से ध्यानरत होने पर ब्रह्मा का वर्ण काला बताया गया है।

#ब्रह्मा#कृष्णवर्ण#ध्यान
ब्रह्मा और वामदेव

ब्रह्मा को कल्प-कल्प में परमेश्वर को जानने का वर कैसे मिला?

ब्रह्मा ने ध्यान और परम भक्ति से वामदेव शिव का स्तवन किया, इसलिए उन्हें कल्प-कल्प में परमेश्वर को जानने का वर मिला।

#ब्रह्मा#कल्प-कल्प#परमेश्वर
वामदेव स्तुति

वामदेव शिव की स्तुति कैसे की गई?

ब्रह्मा ने परम भक्ति से ब्रह्म अर्थात् वामदेवाय मन्त्र को पूर्व में लगाकर अनेक स्तुतियों से वामदेव शिव का स्तवन किया।

#वामदेव स्तुति#ब्रह्मा#वामदेवाय मंत्र
ब्रह्मा और सद्योजात

ब्रह्मा ने सद्योजात शिव को परमेश्वर कैसे माना?

ब्रह्मा ने ध्यानयोग से सद्योजात कुमार को साक्षात् परमेश्वर जाना, प्रणाम किया और परात्पर ब्रह्म माना।

#ब्रह्मा#सद्योजात#परमेश्वर
ब्रह्मा और सद्योजात

ब्रह्मा ने शिव को कुमार रूप में कैसे देखा?

ब्रह्मा समाधिस्थ होकर परमेश्वर का ध्यान कर रहे थे, तभी उन्होंने शिखाधारी श्वेतलोहित कुमार को देखा।

#ब्रह्मा#कुमार रूप#सद्योजात
सद्योजात महिमा

सद्योजात रूप में शिव कैसे प्रकट हुए?

जब ब्रह्मा समाधि में परमेश्वर का ध्यान कर रहे थे, तब शिखाधारी श्वेतलोहित कुमार प्रकट हुआ, जिसे सद्योजात माना गया।

#सद्योजात#शिव प्रकट#श्वेतलोहित कुमार
श्रद्धा और शिवदर्शन

ब्रह्मा को शिव ने भक्तिभाव कैसे दिया?

ब्रह्मा ने हृदय में शिव को देखा और अचल भक्ति माँगी; शिव ने उन्हें वह भक्तिभाव प्रदान किया।

#ब्रह्मा#भक्तिभाव#अचल भक्ति
ब्रह्मा और शिव संवाद

ब्रह्मा ने शिव का दर्शन कैसे किया?

ब्रह्मा ने गायत्री-उपासना से शिव का दर्शन किया और उसी भक्ति से दर्शन प्राप्त होना बताया गया।

#ब्रह्मा#शिव दर्शन#गायत्री उपासना
शिवभक्ति

ब्रह्मा, विष्णु और देवताओं को उत्तम पद कैसे मिला?

ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र और अन्य देवता शिवभक्ति से ही उत्तम पद को प्राप्त हुए।

#ब्रह्मा#विष्णु#इन्द्र
योगी की शक्तियाँ

योगी ब्रह्मा से स्थावर तक संसार को कैसे देखता है?

योगी के लिये ब्रह्मा से स्थावर तक समग्र संसार हस्तामलक के समान स्पष्ट हो जाता है।

#योगी#ब्रह्मा से स्थावर#हस्तामलक
रुद्र उत्पत्ति

ब्रह्मा ने रुद्रों की स्तुति कैसे की?

ब्रह्मा ने नीललोहित रुद्रों को त्रिनेत्रधारी, सर्वज्ञ, सर्वव्यापी, नित्य, निर्मल, विश्वात्मा और शिवजी के आत्मज कहकर प्रणाम किया।

#ब्रह्मा#रुद्र स्तुति#नीललोहित
सती और रुद्र

अर्धनारीश्वर से स्त्री-पुरुष विभाग कैसे हुआ?

ब्रह्मा ने सृष्टि के आरम्भ में शिव को अर्धनारीश्वर देखकर स्त्री-पुरुष विभाग करने को कहा, तब शिव की देह से सती अलग हुईं।

#अर्धनारीश्वर#शिव#सती
सती और रुद्र

सती दक्ष की पुत्री कैसे बनीं?

सती शिवसम्भवा मानसी पुत्री थीं; ब्रह्मा ने दक्ष से कहा कि अबसे यह सती तुम्हारी पुत्री होगी।

#सती#दक्ष#शिवसम्भवा
ऋषि और मानस पुत्र

सनकादि मुनियों ने परमपद कैसे प्राप्त किया?

सनकादि मुनियों ने निष्काम कर्मयोग से परमपद प्राप्त किया।

#सनकादि#निष्काम कर्मयोग#परमपद
सृष्टि आरम्भ

ब्रह्मा ने भू भुव स्व मह लोकों की रचना कैसे की?

पृथ्वी को पुनः व्यवस्थित करने के बाद ब्रह्मा ने भू आदि चार लोकों की पूर्ववत् रचना की।

#भू#भुव#स्व
सृष्टि आरम्भ

पृथ्वी को फिर से कैसे स्थापित किया गया?

ब्रह्मा ने पृथ्वी को निकालकर पूर्ववत् स्थापित किया, नदी-समुद्र बनाए और दबे-उठे भागों को समतल किया।

#पृथ्वी स्थापना#ब्रह्मा#वाराह
ब्रह्माण्ड वर्णन

करोड़ों ब्रह्माण्डों की उत्पत्ति कैसे बताई गई है?

प्रधान प्रकृति सदाशिव के आश्रय से करोड़ों ब्रह्माण्डों में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का सृजन करती है।

#करोड़ों ब्रह्माण्ड#प्रधान#सदाशिव
ब्रह्माण्ड वर्णन

ब्रह्माण्ड अण्ड कैसे उत्पन्न होता है?

महत्तत्त्व से पंचमहाभूत तक सभी तत्त्व अण्ड की उत्पत्ति करते हैं।

#ब्रह्माण्ड#अण्ड#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्व

ब्रह्मा से सृष्टि कैसे होती है?

माया-वितत लिंगों से उद्भूत तीन प्रधान देवों में ब्रह्मा से जगत् की उत्पत्ति बताई गई है।

#ब्रह्मा#सृष्टि#शिवात्मक
शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु रुद्र शिवात्मक कैसे हैं?

ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र तीनों प्रधान देव माया-वितत लिंगों से उद्भूत और शिवात्मक बताए गए हैं।

#ब्रह्मा#विष्णु#रुद्र
शिव तत्त्व

सदाशिव से ब्रह्मा विष्णु और कालरुद्र कैसे प्रकट होते हैं?

सदाशिव से रजोगुण के आश्रय से ब्रह्मा, सत्त्व के आश्रय से विष्णु और तमोगुण के आश्रय से कालरुद्र का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#सदाशिव#ब्रह्मा#विष्णु
लोक

वेद रसातल में कैसे गए?

मधु कैटभ ने ब्रह्मा से वेद छीनकर उन्हें रसातल में छिपा दिया।

#वेद रसातल#मधु कैटभ#ब्रह्मा
लोक

ब्रह्मा जी की नासिका से वराह कैसे प्रकट हुए?

ब्रह्मा की नासिका से सूक्ष्म वराह प्रकट होकर तुरंत विशाल हो गए।

#ब्रह्मा#वराह#विष्णु
लोक

ब्रह्मा जी विष्णु की नाभि से कैसे उत्पन्न हुए?

विष्णु की नाभि से कमल निकला और उसी कमल पर ब्रह्मा जी प्रकट हुए।

#ब्रह्मा#विष्णु नाभि#कमल
लोक

विष्णु की नाभि से कमल कैसे निकला?

विष्णु की नाभि से दिव्य कमल प्रकट हुआ, जिस पर ब्रह्मा जी जन्मे।

#विष्णु नाभि#कमल#ब्रह्मा
लोक

ब्रह्मा ने कारणोदक सागर कैसे देखा?

उन्होंने ध्यान की सूक्ष्म दृष्टि से कारणोदक सागर देखा।

#ब्रह्मा#कारणोदक सागर#दिव्य दृष्टि
लोक

ब्रह्मा जी सृष्टि के लिए तैयार कैसे हुए?

भगवान के ज्ञान से वे सृष्टि-रचना के योग्य बने।

#ब्रह्मा#सृष्टि#ज्ञान
लोक

ब्रह्मा जी का अज्ञान कैसे मिटा?

तपस्या और चतुःश्लोकी ज्ञान से उनका अज्ञान मिटा।

#ब्रह्मा#अज्ञान#चतुःश्लोकी
लोक

ब्रह्मा जी को सृष्टि बनाने की शक्ति कैसे मिली?

विष्णु के ज्ञान और कृपा से उन्हें सृष्टि-शक्ति मिली।

#ब्रह्मा#सृष्टि शक्ति#विष्णु
लोक

वैकुण्ठ दर्शन ब्रह्मा को कैसे मिला?

तपस्या और शुद्ध चित्त से ब्रह्मा को वैकुण्ठ दर्शन मिला।

#वैकुण्ठ दर्शन#ब्रह्मा#तपस्या
लोक

भगवान हृदय में कैसे दिखे?

शुद्ध चित्त में भगवान अपरोक्ष अनुभूति बनकर दिखे।

#हृदय दर्शन#ब्रह्मा#विष्णु
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