विस्तृत उत्तर
बुधवार की पूजा में गणेश जी को 21 दूर्वा (तीन या पांच पत्तियों वाली) की गांठें 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र के साथ उनके मस्तक पर चढ़ानी चाहिए। गणेश पुराण के अनुसार, दूर्वा में 'अमृत' का वास होता है और यह गणेश जी के ताप (तेज) को शांत कर शीतलता प्रदान करती है।





