📖
विस्तृत उत्तर
गरुड़ास्त्र के प्रयोग से असंख्य गरुड़ पक्षी प्रकट होते थे। ये गरुड़ पक्षी नागों को अपना भोजन बना लेते थे और नागास्त्र के प्रभाव को पूरी तरह से नष्ट कर देते थे। चूंकि गरुड़ और नागों के बीच पौराणिक काल से शाश्वत शत्रुता चली आ रही है, इसलिए गरुड़ास्त्र नागास्त्र का एकमात्र अचूक प्रतिकार माना जाता था। रामायण में स्वयं गरुड़ देव के प्रकट होने से और महाभारत में सुपर्णास्त्र के प्रयोग से यह प्रभाव देखा गया।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





