विस्तृत उत्तर
हनुमान जी की पूजा में सिंदूर लेपन (चोला चढ़ाना) सबसे महत्वपूर्ण उपचार है। हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाया जाता है। यह उनके पौरुष और अखंड ब्रह्मचर्य का प्रतीक है। चोला चढ़ाते समय इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए: 'सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये । भक्त्या दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम् ॥'
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