विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, कालभैरव की पूजा का मुख्य अंग 'सरसों के तेल का चौमुखी दीपक' (चार मुखों वाला दीपक) जलाना है। पूजा के समय मूर्ति या चित्र के समक्ष इसे प्रज्वलित करने से समस्त प्रकार के भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
भगवान कालभैरव की पूजा में हमेशा सरसों के तेल का 'चौमुखी दीपक' (चार बत्तियों वाला दीया) जलाना चाहिए। यह पूजा का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शास्त्रों के अनुसार, कालभैरव की पूजा का मुख्य अंग 'सरसों के तेल का चौमुखी दीपक' (चार मुखों वाला दीपक) जलाना है। पूजा के समय मूर्ति या चित्र के समक्ष इसे प्रज्वलित करने से समस्त प्रकार के भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
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