विस्तृत उत्तर
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी पर भगवान विष्णु के 'श्रीधर' स्वरूप की विशेष पूजा का विधान है। 'श्री' का अर्थ है 'लक्ष्मी' और 'धर' का अर्थ है 'धारण करने वाले'। भगवान के इस स्वरूप ने माता लक्ष्मी को अपने हृदय में धारण किया है। विष्णु पुराण के अनुसार, श्रीधर स्वरूप की उपासना करने से साधक को जीवन में 'श्री' अर्थात् ऐश्वर्य, सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।





