विस्तृत उत्तर
हाँ, परंतु अधम योनि में। गरुड़ पुराण में महापापी के पुनर्जन्म का वर्णन अत्यंत स्पष्ट है।
नरक के बाद अधम योनि — गरुड़ पुराण के पाँचवें अध्याय का विषय ही यह है कि 'नरकों में दंड भोगकर जीव किन योनियों में जन्म लेता है।' महापापी को नरक-भोग के बाद कीट, पशु, या अत्यंत हीन मानव योनि में जन्म मिलता है।
विशिष्ट पाप — विशिष्ट योनि — गरुड़ पुराण में — 'छल, कपट और धोखा देने वाले अगले जीवन में उल्लू बनते हैं। झूठी गवाही देने वाला दूसरे जन्म में अंधा पैदा होता है। स्त्री की हत्या करने वाला अगले जन्म में चांडाल योनि में पैदा होता है।'
गर्भ में ही मृत्यु — 'माता-पिता या भाई-बहन को प्रताड़ित करने वाले मनुष्य को अगला जन्म तो मिलता है लेकिन वह धरती पर नहीं आ पाते क्योंकि उनकी मृत्यु गर्भ में ही हो जाती है।'
पुनर्जन्म क्यों — नरक आत्मा की शुद्धि के लिए है। शुद्धि के बाद पुनर्जन्म मिलता है — परंतु महापापी को यह प्रक्रिया बहुत धीमी होती है।





