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विस्तृत उत्तर
रावण के पराक्रमी पुत्र इंद्रजीत (मेघनाद) के पास आग्नेयास्त्र सहित अनेक दिव्यास्त्र थे। मेघनाद ने भगवान शिव की कठोर तपस्या करके कई अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए थे जिनमें संभवतः आग्नेयास्त्र भी शामिल था। उसने इन अस्त्रों का प्रयोग राम-लक्ष्मण और वानर सेना के विरुद्ध भीषण युद्ध में किया था। मेघनाद की यह उपलब्धि उसकी अपार शक्ति और तपस्या की गहराई को दर्शाती है।
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