विस्तृत उत्तर
मेघनाद ने अदृश्यता को अपने युद्ध का प्राथमिक हथियार बनाया। वह बादलों में गायब हो जाता, पूरी तरह से अजेय हो जाता और राम की सेना पर नागपाश और ब्रह्मशिरा अस्त्र जैसे विनाशकारी हथियारों की वर्षा करता था। इससे भारी विनाश होता था और वह स्वयं सुरक्षित रहता था। मेघनाद का प्रयोग क्रूर, सामरिक और भयावह था। उसने अदृश्यता को भय और अराजकता पैदा करने के लिए एक हथियार बनाया जो युद्ध में अधर्म के सिद्धांत का प्रतीक था — अपने विरोधियों को एक उचित लड़ाई का अवसर दिए बिना छाया से प्रहार करना।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक




