विस्तृत उत्तर
मेघनाद द्वारा लक्ष्मण पर शक्ति अस्त्र चलाने का प्रसंग वाल्मीकि रामायण में वर्णित है।
प्रसंग — दूसरे दिन के युद्ध में लक्ष्मण और मेघनाद के बीच भयंकर युद्ध हुआ। जब मेघनाद देख रहा था कि लक्ष्मण उस पर भारी पड़ रहे हैं और वानर-सेना भी राक्षस-सेना को परास्त कर रही है, तो वह क्रोध से भर गया।
शक्ति अस्त्र का प्रयोग — मेघनाद ने वासवी शक्ति (इंद्र की शक्ति, जो उसे मिली थी) का प्रयोग लक्ष्मण पर पीछे से किया। यह शक्ति-बाण इतना तेज था कि लक्ष्मण उसे रोक नहीं पाए। शक्ति-बाण लक्ष्मण के सीने में लगा और वे तत्काल मूर्छित होकर गिर पड़े।
संजीवनी — लक्ष्मण की स्थिति देखकर सुषेण वैद्य ने हनुमान को संजीवनी बूटी लाने को कहा। हनुमान जी पूरा द्रोणांचल पर्वत उखाड़कर लाए। संजीवनी से लक्ष्मण के प्राण बचे।





