विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में नरक के स्थान और उसमें जीव को रखने के स्थानों का वर्णन मिलता है।
नरक का स्थान — गरुड़ पुराण के अनुसार नरक पृथ्वी के नीचे पाताल लोक में स्थित है। Prabhatkhabar के अनुसार — 'गरुड़ पुराण के अनुसार, स्वर्ग कैलाश पर्वत के ऊपर स्थित है, जबकि नरक पृथ्वी के नीचे यानी पाताल लोक में माना गया है।'
नरक में जीव को कहाँ रखा जाता है — यह नरक के प्रकार पर निर्भर करता है। रक्त से भरे गड्ढों में (महावीचि नरक में), मल-मूत्र से भरे कुंड में (सौचावट नरक), जलते अंगारों के बीच (अंगारोपच्य नरक), अंधे कुएँ में (अंधकूप नरक), असिपत्रवन के जंगल में, तप्त धातु के बर्तनों में।
यमलोक के दक्षिण द्वार के पास — नरक यमलोक के दक्षिण भाग में है। यमराज के दरबार के दक्षिण दिशा में नरक का प्रवेश द्वार है।
यमलोक के 16 नगर — गरुड़ पुराण में उल्लेख है कि यमलोक में 16 भिन्न नगर हैं जहाँ आत्माओं को अलग-अलग रखा जाता है।





