विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण और अन्य पुराणों में नरक में विभिन्न जीवों द्वारा पापी को दिए जाने वाले कष्टों का वर्णन है। ये जीव पाप की प्रकृति के अनुसार भिन्न-भिन्न हैं।
कुत्ते — सारमेयादन नरक में विशाल और भयंकर कुत्ते पापी जीव को नोचते और काटते हैं। श्वभोज्य नरक में भी कुत्ते पापी को कष्ट देते हैं।
सर्प और बिच्छू — वैतरणी नदी और अनेक नरकों में काले सर्प और बिच्छू जीव को बार-बार डंसते हैं।
गीध — वज्र के समान चोंच वाले गीध पापी को चोंच मारते हैं।
राक्षस — कुछ नरकों में राक्षस पापी जीव को खाते हैं — गरुड़ पुराण में 'तड़पते हुए खा जाते हैं राक्षस' — ऐसा वर्णन मिलता है।
कौए और चील — कुछ पापियों को कौओं और चीलों द्वारा खींचे जाने का वर्णन है।
कीड़े — सूई के समान मुख वाले भयानक कीड़े शरीर को काटते रहते हैं।
इन जीवों द्वारा दी गई यातनाएँ वास्तव में उस पापी के जीवन के कर्मों का प्रतिफल हैं। जिसने जीवन में जीवों को कष्ट दिया, मृत्यु के बाद जीव उसे कष्ट देते हैं।





