विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में प्रेतकल्प के श्रोताओं के विषय में स्पष्ट निर्देश है — यह ग्रंथ सर्व-साधारण के लिए है।
मृत व्यक्ति के परिजन — सर्वप्रथम वे जिनके घर में मृत्यु हुई हो। उन्हें अपने कर्तव्य का बोध होता है।
मुमूर्षु व्यक्ति — जो मृत्यु-शय्या पर हो, उसे भी गरुड़ पुराण सुनाने का विधान है ताकि वह मृत्यु के लिए मानसिक और आत्मिक रूप से तैयार हो।
पापाचारी — गरुड़ पुराण में कहा गया है — 'पापाचारों से युक्त होने पर भी इसका श्रवण करने वाला प्रेतत्व को प्राप्त नहीं होता।' पापी के लिए यह विशेष अवसर है।
जिज्ञासु और साधक — जो आत्मा, परमात्मा, कर्म और मोक्ष को जानना चाहते हैं।
सभी वर्ण और आयु के लोग — गरुड़ पुराण किसी एक वर्ग के लिए नहीं। 'सभी मनुष्यों, विशेष रूप से हिंदुओं को इस शास्त्र में निहित गहन ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।'





