विस्तृत उत्तर
संमोहनास्त्र के प्रतिकार के विषय में पुराणों में वर्णन मिलता है।
प्रतिकार — संमोहनास्त्र का प्रतिकार 'प्रज्ञास्त्र' या 'ज्ञान-अस्त्र' था — जो विवेक और ज्ञान की शक्ति से मोह को नष्ट करता था। कुछ ग्रंथों में 'प्रबोधन-अस्त्र' का उल्लेख भी है।
आत्मिक शक्ति — उच्च कोटि के आत्मबल वाले योद्धा संमोहनास्त्र के प्रभाव से स्वयं ही मुक्त हो सकते थे। जिनकी आत्मिक शक्ति प्रबल थी उन्हें यह अस्त्र प्रभावित नहीं कर पाता था।
सीमा — संमोहनास्त्र ब्रह्मज्ञानियों, महर्षियों और दिव्य-अवतारों पर प्रभावहीन था क्योंकि उनका मन किसी भी प्रकार के मोह से परे था। श्रीराम जैसे दिव्य योद्धा इसके प्रभाव से स्वाभाविक रूप से मुक्त थे।
व्यापक दर्शन — संमोहनास्त्र और उसका प्रतिकार यह सिखाता है कि ज्ञान, विवेक और आत्मबल किसी भी मोह को नष्ट कर सकते हैं।

