📖
विस्तृत उत्तर
ग्रंथों में वर्णन है कि जैसे ही भरत ने संवर्त अस्त्र का प्रयोग किया, 'पलक झपकते ही' या 'एक क्षण में' तीन करोड़ गंधर्व केवल मारे नहीं गए बल्कि उनके शरीर के चिथड़े उड़ गए और वे 'मृत्यु के पाश में बंध गए'। विनाश इतना तीव्र और पूर्ण था कि कहा जाता है कि स्वर्ग में बैठे देवताओं को भी ऐसा भयानक संहार याद नहीं था। यह अस्त्र की सर्व-ग्रासी और प्रलयंकारी प्रकृति का सबसे जीवंत प्रमाण है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





