विस्तृत उत्तर
शिव पंचाक्षर स्तोत्र = आदि शंकराचार्य रचित — 'ॐ न-मः-शि-वा-य' = 5 अक्षर।
5 अक्षर = 5 तत्व: न=पृथ्वी, मः=जल, शि=अग्नि, वा=वायु, य=आकाश। पंचतत्व शुद्धि।
लाभ: पाप नाश, मोक्ष मार्ग, मानसिक शांति, शिव कृपा, रोग मुक्ति, भय नाश, ग्रह शांति (विशेषतः शनि/राहु)।
विधि: सोमवार/प्रदोष, शिवलिंग अभिषेक + पंचाक्षर स्तोत्र। प्रतिदिन भी शुभ। *'नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय... नमः शिवाय'*





