विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के देवताओं का वर्णन शक्ति संगम तंत्र और तंत्रालोक में मिलता है:
तंत्र के प्रमुख देवता
1दस महाविद्याएं (शाक्त तंत्र)
| महाविद्या | विशेषता |
|-----------|----------|
| काली | महाकाल की शक्ति, मोक्ष |
| तारा | नील सरस्वती, ज्ञान, वाक् |
| त्रिपुर सुंदरी | श्री विद्या, सर्वोच्च |
| भुवनेश्वरी | जगत् की माँ |
| भैरवी | प्रलय शक्ति |
| छिन्नमस्ता | स्वसंहार, जागरण |
| धूमावती | विधवा देवी, दुःख में शक्ति |
| बगलामुखी | वाक् स्तंभन, शत्रु नाश |
| मातंगी | श्याम सरस्वती, कला |
| कमला | तंत्र की लक्ष्मी |
2शैव तंत्र के देवता
- ▸काल भैरव — शिव का उग्र रूप, काशीपति
- ▸भैरव (64 रूप) — तंत्रालोक में वर्णित
- ▸अघोर शिव — अघोर परंपरा
3वैष्णव तंत्र
- ▸नरसिंह — उग्र विष्णु
- ▸षड्भुज कृष्ण — पांचरात्र तंत्र
सर्वाधिक पूजित
काली और काल भैरव — तंत्र की दो मुख्य धाराएं।





