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देवी पूजा📜 शाक्त परंपरा, देवी पूजा पद्धति1 मिनट पठन

मां काली और मां दुर्गा में पूजा पद्धति का क्या अंतर है?

संक्षिप्त उत्तर

काली: उग्र, रात्रि, काला/नीला, गुड़-चना, तांत्रिक, 'क्रीं', गुरु अनुशंसित। दुर्गा: सौम्य+शक्ति, दिन/रात, लाल, हलवा-पूरी, सात्विक+तांत्रिक, 'दुं'। दोनों = एक शक्ति।

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विस्तृत उत्तर

काली और दुर्गा = एक ही शक्ति के दो रूप, किन्तु पूजा भिन्न:

| विषय | काली | दुर्गा |

|-------|------|--------|

| स्वरूप | उग्र, रौद्र, श्मशानवासिनी | शक्तिशाली किन्तु सौम्य भी |

| रंग | काला/नीला/लाल | लाल/केसरिया |

| समय | रात्रि/अमावस्या | दिन/रात्रि दोनों |

| भोग | गुड़-चना, मांस (कुछ परंपरा) | हलवा-पूरी, मिठाई |

| बलि | पशु बलि (कुछ मंदिर) | प्रतीकात्मक (कुम्हड़ा) |

| पर्व | काली पूजा (दीपावली अमावस्या — बंगाल) | नवरात्रि/दशहरा |

| मंत्र | 'क्रीं' बीज | 'दुं' बीज |

| तंत्र | तांत्रिक प्रधान | सात्विक+तांत्रिक |

| गुरु | अनुशंसित (उग्र) | सामान्य पूजा बिना गुरु |

एकता: दोनों = आदिशक्ति/पार्वती। दुर्गा सप्तशती: काली = दुर्गा का उग्र रूप (चंड-मुंड/रक्तबीज वध)।

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शास्त्रीय स्रोत
शाक्त परंपरा, देवी पूजा पद्धति
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