विस्तृत उत्तर
वरुणास्त्र की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं।
जल-वर्षा शक्ति — वरुणास्त्र चलाने पर युद्धभूमि पर आकाश से भीषण जल-वर्षा होने लगती है। यह कोई साधारण वर्षा नहीं थी — यह दिव्य जल-धाराएं थीं जो अत्यंत तीव्र और अपार थीं।
आग्नेयास्त्र का प्रतिकार — वरुणास्त्र की सबसे प्रमुख विशेषता यह थी कि यह आग्नेयास्त्र से उत्पन्न दिव्य अग्नि को बुझाने में सक्षम था। जल अग्नि को शांत करता है — यही इसका मूल सिद्धांत था।
शत्रु-सेना पर प्रभाव — इस अस्त्र से उत्पन्न बाढ़ में शत्रु-सेना डूब या बह सकती थी। रथ और हाथी भी इसके सामने विचलित हो जाते थे।
सैद्धांतिक संतुलन — वरुणास्त्र प्रकृति के तत्वों के युद्ध-दर्शन का प्रतीक है — अग्नि और जल का शाश्वत द्वंद्व। पुराणों में प्रत्येक तत्व-अस्त्र का प्रतिकार उसके विरुद्ध तत्व के अस्त्र से होता था।
विषोसनास्त्र — वरुणास्त्र को रोकने के लिए 'विषोसनास्त्र' (जिसे सुखा देने वाला अस्त्र) का उल्लेख मिलता है जो देवराज इंद्र का अस्त्र था।





