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महाभारत प्रश्नोत्तरी — 94 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित महाभारत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 94 प्रश्न

दिव्यास्त्र

ब्रह्मास्त्र किन किन लोगों के पास था

रामायण में श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण; महाभारत में द्रोण, अश्वत्थामा, अर्जुन, कर्ण, कृष्ण, युधिष्ठिर के पास ब्रह्मास्त्र था। यह केवल गुरु-शिष्य परंपरा में योग्य लोगों को दिया जाता था।

ब्रह्मास्त्र धारकमहाभारतरामायण
दिव्यास्त्र

नारायणास्त्र क्या है

नारायणास्त्र भगवान विष्णु का अजेय दिव्यास्त्र है जो एक साथ हजारों अस्त्र चलाता है। इसे रोकने का एकमात्र उपाय पूर्ण समर्पण है। महाभारत में अश्वत्थामा ने इसे पांडवों पर चलाया था।

नारायणास्त्रविष्णु अस्त्रमहाभारत
पौराणिक शिक्षाएँ

महाभारत में कर्ण की कथा से क्या शिक्षा मिलती है?

कर्ण से शिक्षाएँ: निःस्वार्थ दान सच्ची पहचान है; मित्रता और कर्तव्य में सच्चे रहें; विपरीत परिस्थितियों में भी आदर्श न छोड़ें; छल से प्राप्त विद्या संकट में काम नहीं आती। कर्म और चरित्र ही असली गरिमा है।

कर्णमहाभारतदानवीर
दिव्यास्त्र

दिव्यास्त्र क्या होते हैं?

दिव्यास्त्र वे शक्तिशाली हथियार थे जिन्हें मंत्रों की शक्ति से जागृत किया जाता था। ये देवताओं की शक्ति के मूर्त रूप थे और ब्रह्मांड की रक्षा के लिए बनाए गए थे।

दिव्यास्त्रपौराणिक शस्त्रमंत्र शक्ति
दिव्यास्त्र

महाभारत में गरुडास्त्र का उल्लेख कहाँ मिलता है?

महाभारत में अर्जुन के शस्त्रागार में गरुडास्त्र था। त्रिगर्त राजा सुशर्मा के विरुद्ध युद्ध में नागास्त्र और सौपर्णास्त्र दोनों का उल्लेख मिलता है।

महाभारतगरुडास्त्रअर्जुन
इतिहास-पुराण

महाभारत किसने लिखा?

महाभारत के रचयिता: महर्षि वेदव्यास (कृष्णद्वैपायन)। गणेश ने लेखनी से लिखा — परंपरागत आख्यान। एक लाख श्लोक, 18 पर्व। भगवद्गीता इसी का अंश। 'पंचम वेद' कहलाता है। व्यास ने 18 पुराण और ब्रह्मसूत्र भी रचे।

महाभारतवेदव्यासगणेश
विष्णु अस्त्र शस्त्र

सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया?

राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को दिया 100 अपराध क्षमा का वचन पूरा करने के बाद सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।

शिशुपाल वधसुदर्शन चक्र100 अपराध
महाभारत

महाभारत में कितने पर्व हैं?

महाभारत में कुल 18 पर्व हैं। आदि, सभा, वन, विराट, उद्योग, भीष्म, द्रोण, कर्ण, शल्य, सौप्तिक, स्त्री, शांति, अनुशासन, अश्वमेधिक, आश्रमवासिक, मौसल, महाप्रस्थानिक और स्वर्गारोहण पर्व। 18 की संख्या महाभारत के हर पक्ष में दिखती है।

महाभारत18 पर्ववेदव्यास
अस्त्र शस्त्र

विजय धनुष कर्ण को किसने दिया था?

विजय धनुष परशुराम ने कर्ण को दिया था — शाप के बाद दया में। आशीर्वाद था कि जब तक यह हाथ में रहे, कोई नहीं जीत सकता। इसीलिए कर्ण के हाथ से विजय छूटने पर ही उसका वध संभव हुआ।

विजय धनुषपरशुरामकर्ण
अस्त्र शस्त्र

कर्ण के धनुष का नाम क्या था?

कर्ण के धनुष का नाम 'विजय' था जिसे परशुराम ने उसे दिया था। यह अखंड था, पाशुपतास्त्र से भी इसका घेरा नहीं टूटता था। यह धनुष न होने पर ही कर्ण का वध हो सका।

विजय धनुषकर्णपरशुराम
विष्णु अस्त्र शस्त्र

पांचजन्य शंख क्या है?

पांचजन्य विष्णु और कृष्ण का दिव्य शंख है। कृष्ण ने गुरु पुत्र को बचाने समुद्र में शंखासुर राक्षस का वध किया और उसके शरीर से बने शंख को पांचजन्य नाम दिया। महाभारत में इससे युद्ध घोषित किया।

पांचजन्य शंखशंखासुरकृष्ण
अस्त्र शस्त्र

कर्ण के पास कौन-कौन से दिव्य अस्त्र थे?

कर्ण के पास विजय धनुष (परशुराम से), इंद्रास्त्र/अमोघास्त्र (इंद्र से — घटोत्कच पर चला), ब्रह्मास्त्र (भूल गया), नागास्त्र, भार्गवास्त्र, और जन्मजात अभेद्य कवच-कुंडल थे।

कर्णविजय धनुषइंद्रास्त्र
अस्त्र शस्त्र

कुरुक्षेत्र युद्ध में कौन-कौन से दिव्यास्त्र चले थे?

कुरुक्षेत्र में ब्रह्मास्त्र, नारायणास्त्र, पाशुपतास्त्र, वासवी शक्ति, अंजलिकास्त्र, इंद्रास्त्र, वायव्यास्त्र, आग्नेयास्त्र, वरुणास्त्र, वैष्णवास्त्र सहित अनेक दिव्यास्त्र चले थे।

कुरुक्षेत्र दिव्यास्त्रब्रह्मास्त्रनारायणास्त्र
अस्त्र शस्त्र

भीष्म की मृत्यु किस अस्त्र से हुई थी?

भीष्म की मृत्यु किसी दिव्यास्त्र से नहीं — अर्जुन के बाणों से हुई। शिखंडी को सामने कर अर्जुन ने बाण चलाए। इच्छामृत्यु के कारण 58 दिन शरशय्या पर रहने के बाद उत्तरायण में प्राण त्यागे।

भीष्म मृत्युशिखंडीअर्जुन बाण
अस्त्र शस्त्र

भीष्म पितामह के पास कौन से दिव्य अस्त्र थे?

भीष्म के पास ब्रह्मास्त्र, प्रस्वापनास्त्र, समस्त देवास्त्र और 5 अभिमंत्रित स्वर्ण तीर थे। परशुराम से पूरी युद्धकला प्राप्त की थी — प्रस्वापनास्त्र एकमात्र ऐसा था जिसका उत्तर परशुराम के पास नहीं था।

भीष्मदिव्य अस्त्रब्रह्मास्त्र
आदर्श स्त्री

द्रौपदी से स्त्रियाँ क्या सीखें?

न्याय माँग(चीरहरण प्रश्न), क्षमा≠कमजोरी(13 वर्ष+केश प्रतिज्ञा), बुद्धिमत्ता(5 पति गृहस्थ), भक्ति('हे गोविन्द!'=कृष्ण रक्षा), आत्मनिर्भरता(स्वयंवर)। अन्याय पर चुप न रहो।

द्रौपदीआदर्शन्याय
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार किसने किया?

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार युधिष्ठिर ने कराया और कुछ समय तक वे शोक में डूबे रहे।

भीष्म अंतिम संस्कारयुधिष्ठिरपांडव
श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने रथ का पहिया क्यों उठाया?

कृष्ण ने रथ का पहिया भीष्म की प्रतिज्ञा को सत्य करने और अपनी भक्तवत्सलता प्रकट करने के लिए उठाया।

कृष्ण रथ का पहियाभीष्मअर्जुन
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति क्या है?

भीष्म स्तुति मृत्यु के समय श्रीकृष्ण को समर्पित प्रार्थना है, जिसमें भीष्म ने कृष्ण के सौंदर्य, युद्ध रूप और परमात्मा स्वरूप का ध्यान किया।

भीष्म स्तुतिकृष्णमहाभारत
श्रीमद्भागवत

युधिष्ठिर को महाभारत युद्ध का पाप क्यों लगा?

युधिष्ठिर को लगा कि उन्होंने नश्वर शरीर के लिए अनेक स्वजनों, गुरुओं और सेनाओं का वध कराया; इसलिए शास्त्र-वचन भी उन्हें संतोष नहीं दे पाया।

युधिष्ठिरयुद्ध पापधर्मयुद्ध
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने गंगा में तर्पण क्यों किया?

पांडवों ने युद्ध में मरे हुए अपने स्वजनों को जलांजलि देने और उनका स्मरण करने के लिए गंगा में तर्पण किया।

गंगा तर्पणपांडवमहाभारत
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने युद्ध के बाद अंतिम संस्कार कैसे किया?

अश्वत्थामा को दंड देने के बाद पांडवों ने कृष्णा द्रौपदी के साथ मृत भाई-बंधुओं की दाह आदि अंतिम क्रियाएँ कीं।

पांडवअंतिम संस्कारद्रौपदी पुत्र
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पुत्रों की हत्या कैसे हुई?

द्रौपदी के पुत्र सो रहे थे; अश्वत्थामा ने उनके सिर काटकर दुर्योधन को भेंट किए।

द्रौपदी पुत्रहत्याअश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पांच पुत्रों को किसने मारा?

द्रौपदी के पांच पुत्रों को द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने सोते समय मार डाला।

द्रौपदी पुत्रअश्वत्थामाउपपांडव

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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