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पूर्वभाग अध्याय 18 प्रश्नोत्तरी — 21 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पूर्वभाग अध्याय 18 विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 21 प्रश्न

शिव नाम

शिव को वेदशास्त्ररूप क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को वेदशास्त्ररूप, भुवनेशदेव, वेदगर्भ, गर्भरूप और विश्वगर्भ कहा गया है।

वेदशास्त्ररूपभुवनेशदेववेदगर्भ
शिव नाम

शिव को महायोगी क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को रोग-विकारशून्य अनन्त, शाश्वत, वरिष्ठ, वारिगर्भ और महायोगी महेश्वर कहा गया है।

महायोगीमहेश्वरअनन्त शिव
शिव नाम

शिव को गणों का स्वामी क्यों कहा गया है?

स्तुति में शिव को गणों का अधिपति कहा गया है और उसी के साथ उन्हें गंधी तथा गुहा से भी गुह्यतम रुद्र कहा गया है।

गणों के अधिपतिरुद्रगुह्यतम
स्तोत्र फल

पाप शुद्धि के लिए क्या करना चाहिए?

सभी पापों की शुद्धि के लिए विष्णु द्वारा कहे गए स्तोत्र का नित्य जप, पाठ और धर्मनिष्ठ ब्राह्मणों को सुनाना चाहिए।

पाप शुद्धिविष्णु स्तोत्रनित्य जप
स्तोत्र फल

विष्णु स्तोत्र सुनाने से क्या फल मिलता है?

विष्णु स्तोत्र को वेदपारगामी ब्राह्मणों को सुनाने वाला भी पापकर्म में लिप्त होने पर ब्रह्मलोक प्राप्त करता है।

विष्णु स्तोत्रसुनानाब्राह्मण
स्तोत्र फल

विष्णु स्तोत्र पढ़ने से क्या फल मिलता है?

विष्णु स्तोत्र का पाठ करने वाला, पापकर्म में लिप्त होने पर भी, ब्रह्मलोक को प्राप्त करता है।

विष्णु स्तोत्रस्तोत्र पाठपुण्य
शिव नाम

वेदगर्भ और विश्वगर्भ क्या हैं?

वेदगर्भ, गर्भरूप और विश्वगर्भ शिव के नामों के रूप में आए हैं; उन्हें वेदशास्त्ररूप और भुवनेशदेव भी कहा गया है।

वेदगर्भविश्वगर्भगर्भरूप
शिव रूप

शिव के सर्प आभूषण कैसे हैं?

शिव को भुजंग कंकण, सर्प बाजूबन्द, सर्प जनेऊ, सर्प कुण्डल, सर्प माला और सर्प कटिसूत्र धारण करने वाला कहा गया है।

सर्प आभूषणभुजंगकुण्डल
शिव नाम

पार्वतीपति और उमापति कौन हैं?

पार्वतीपति और उमापति शिव को कहा गया है; उसी स्थान पर उन्हें हिरण्यबाहु और सुवर्णवीर्य भी नमस्कार किया गया है।

पार्वतीपतिउमापतिहिरण्यबाहु
शिव रूप

नीलकंठ शिव कैसे हैं?

शिव को ज्ञानरूप, ज्ञानगम्य, चैतन्यरूप, नीलकंठ, नीलकेश और शितिकंठ कहा गया है।

नीलकंठशितिकंठनीलकेश
शिव रूप

अर्धनारीश्वर रूप क्या है?

अर्धनारीश्वर रूप में शिव को अर्धनारी का शरीर धारण करने वाला, अव्यक्त और ग्यारह रूपों में परिवर्तित स्थाणु कहा गया है।

अर्धनारीश्वरअव्यक्तस्थाणु
प्रणव रूप

शिव ओंकार और सर्वज्ञ कैसे हैं?

स्तुति में शिव को भगवान्, सर्पों के पति, ओंकार और सर्वज्ञ कहा गया है।

ओंकारसर्वज्ञशिव
मोक्ष

शिव मोक्ष कैसे देते हैं?

शिव को मोक्ष, मोक्षरूप और मोक्ष प्रदान करने वाला कहा गया है; साथ ही वे आत्मास्वरूप, स्वामी और व्यापक शिव हैं।

मोक्षमोक्षदातामोक्षरूप
सृष्टि-पालन-संहार

शिव सृष्टि, पालन, संहार कैसे करते हैं?

शिव को जल के मध्य स्थित, ब्रह्मा-विष्णु के मध्य प्रकाशमान, सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता, संहारकर्ता और मृत्युस्वरूप ईश्वर कहा गया है।

सृष्टिपालनसंहार
विश्वव्यापक शिव

शिव इन्द्रियों के विषयों में कैसे हैं?

शिव को शब्द, स्पर्श, रस और गंध स्वरूप कहा गया है; उन्हें गंधी और गणों का अधिपति भी नमस्कार किया गया है।

शब्दस्पर्शरस
विश्वव्यापक शिव

शिव पंचभूतों में कैसे हैं?

शिव को जल, वायु, तेज, पृथ्वी और अंतरिक्ष में व्याप्त रूप से नमस्कार किया गया है।

पंचभूतशिवजल
लिंग रूप

लिंग और लिंगी क्या हैं?

विष्णु स्तुति में शिव को ऊर्ध्व लिंग, लिंगी, हेमलिंग, जललिंग और शिवलिंग रूप में नमस्कार किया गया है।

लिंगलिंगीऊर्ध्व लिंग
प्रणव रूप

अकार, उकार, मकार क्या हैं?

अकार को परमात्मा, उकार को आदिदेव विद्यादेह और मकार को परमात्मा शिव कहा गया है।

अकारउकारमकार
प्रणव रूप

प्रणवरूप रुद्र कौन हैं?

प्रणवरूप रुद्र अद्वितीय और नाशरहित हैं; स्तुति में अकार, उकार और मकार रूप परमात्मा को भी नमस्कार किया गया है।

प्रणवरूप रुद्ररुद्रओंकार
विष्णु स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति कैसे की?

विष्णु ने शिव को अनेक नामों और रूपों से नमस्कार किया, जैसे प्रणवरूप रुद्र, महादेव, ईशान, लिंग, लिंगी, ओंकार और सर्वज्ञ।

विष्णुशिव स्तुतिमहेश्वर
विष्णु स्तुति

विष्णु स्तुति क्या है?

विष्णु स्तुति वह स्तोत्र है जिसमें विष्णु ने रुद्र, शिव, महेश्वर, ओंकार, मोक्षदाता और विश्वगर्भ रूपों को नमस्कार किया।

विष्णु स्तुतिमहेश्वरशिव

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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