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भगवान विष्णु सम्बन्धित प्रश्न(73)

भगवान विष्णु पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 73 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  विष्णु को नारायण, हरि, जनार्दन के रूप में भी जाना जाता है।

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भगवान विष्णु पर पूछे गए प्रश्न
  1. सुतल लोक में भगवान विष्णु किस रूप में रहते हैं?
  2. भगवान विष्णु राजा बलि की रक्षा क्यों करते हैं?
  3. सुतल लोक में भगवान विष्णु द्वारपाल क्यों बने?
  4. राजा बलि को भगवान विष्णु का प्रिय भक्त क्यों माना जाता है?
  5. भगवान विष्णु सुतल लोक में क्यों गए?
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सुतल लोक में भगवान विष्णु किस रूप में रहते हैं?

सुतल लोक में भगवान विष्णु नारायण के चतुर्भुज गदापाणि रूप में राजा बलि के द्वारपाल बनकर रहते हैं।

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भगवान विष्णु राजा बलि की रक्षा क्यों करते हैं?

भगवान विष्णु राजा बलि की रक्षा इसलिए करते हैं क्योंकि बलि ने पूर्ण शरणागति और सर्वस्व समर्पण किया था।

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सुतल लोक में भगवान विष्णु द्वारपाल क्यों बने?

भगवान विष्णु राजा बलि की सत्यनिष्ठा और भक्ति से प्रसन्न होकर सुतल लोक में उनके रक्षक और द्वारपाल बने।

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राजा बलि को भगवान विष्णु का प्रिय भक्त क्यों माना जाता है?

राजा बलि प्रिय भक्त माने जाते हैं क्योंकि उन्होंने सत्य, दान और पूर्ण आत्म-समर्पण से अपना सर्वस्व भगवान वामन को अर्पित कर दिया।

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भगवान विष्णु सुतल लोक में क्यों गए?

भगवान विष्णु राजा बलि की भक्ति और आत्म-समर्पण से प्रसन्न होकर सुतल लोक में उनके रक्षक और द्वारपाल बने।

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तलातल और भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का क्या संबंध है?

मय दानव शिव संरक्षण के कारण सुदर्शन चक्र से निडर हो गया, यही तलातल का दार्शनिक प्रसंग है।

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भगवान विष्णु ने अमृत-कुण्ड को कैसे समाप्त किया?

विष्णु जी ने गौ रूप लेकर और ब्रह्मा जी ने बछड़े का रूप लेकर अमृत-कुण्ड का अमृत पी लिया।

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मरणोपरांत आत्मा यात्रा

तिल भगवान विष्णु से कैसे जुड़ा है?

तिल भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न माने गए हैं।

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चार कुमार भगवान विष्णु से कैसे जुड़े हैं?

चार कुमार भगवान विष्णु के परम भक्त और नित्य मुक्त आत्माएँ हैं।

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मंत्र और स्तोत्र

भगवान विष्णु को जगाने का मंत्र क्या है?

जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते। त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्सुप्तमिदं भवेत्...' अर्थ: हे गोविंद! जागें — आपके सोने पर सारा जगत सुप्त हो जाता है। इस मंत्र से चातुर्मास समाप्त और मांगलिक कार्य शुरू।

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शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को कैसे जगाते हैं?

जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते...' शंख, घंटा, मृदंग, नगाड़े बजाते हैं। सूप या थाली बजाना लोक-परंपरा। इस मंत्र उच्चारण से चातुर्मास का समापन और विवाह आदि मांगलिक कार्यों का आरंभ शास्त्रसम्मत होता है।

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तुलसी विवाह परिचय

तुलसी को भगवान विष्णु ने क्या वरदान दिया?

विष्णु का वरदान: (1) वृंदा 'तुलसी' रूप में उत्पन्न होगी — त्रिलोकी में सर्वाधिक पूजनीय, (2) बिना तुलसी-दल के विष्णु की कोई पूजा, नैवेद्य या यज्ञ स्वीकार्य नहीं, (3) जहाँ तुलसी का वास = यमदूत प्रवेश नहीं कर सकते।

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भक्ति, मंत्र और उपासना

कलयुग में भगवान विष्णु की उपासना का सबसे सुलभ मार्ग क्या है?

कलयुग में सुलभ मार्ग = भक्ति और नाम संकीर्तन। सत्ययुग = तपस्या; त्रेता = यज्ञ; द्वापर = विधि-पूजा — वही फल कलयुग में केवल नाम-जप से। गीता: 'तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्।' उपाय: नवधा भक्ति, 'ॐ नमो नारायणाय', विष्णु सहस्रनाम।

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विष्णु शब्द की व्युत्पत्ति

भगवान विष्णु कौन हैं?

भगवान विष्णु परब्रह्म, सृष्टि के पालनकर्ता और अनंत कोटि ब्रह्मांडों के नियंता हैं। वे प्रत्येक जीव के हृदय में अंतर्यामी रूप में और सम्पूर्ण जगत के कण-कण में समाहित हैं। वे वह शाश्वत प्रकाश हैं जिससे समस्त विश्व प्रकाशमान होता है।

#भगवान विष्णु#परब्रह्म#पालनकर्ता
क्षीरसागर मंथन

माँ लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को ही क्यों चुना?

लक्ष्मी ने देखा: सबमें कोई न कोई दोष — किसी में तप+क्रोध, किसी में शक्ति+काम। फिर योगनिद्रा में परम शांत, निस्वार्थ, धर्म की प्रतिमूर्ति विष्णु को देखकर उन्हें वरमाला पहनाई और श्रीवत्स पर विराजमान हुईं।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

नारदजी ने भगवान विष्णु को शाप क्यों दिया?

अभिमान तोड़ने को भगवान ने वानर-मुख दिया, स्वयंवर में अपमान, शिवगणों ने हँसी उड़ाई — क्रोध में शाप दिया। कारण — उपहास का अपमान।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

भगवान विष्णु ने देवताओं को क्या आश्वासन दिया?

भगवान ने आकाशवाणी से कहा — अयोध्या में दशरथ के घर अवतार लूँगा। ब्रह्माजी ने देवताओं को सिखाया — वानर शरीर धरकर पृथ्वी पर भगवान की सेवा करो। देवता वानर रूप में पृथ्वी पर आ गये।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

नारदजी ने भगवान विष्णु को क्या शाप दिया?

नारदजी ने भगवान विष्णु को शाप दिया — आपने मेरा उपहास कराया, अतः आपको मनुष्य योनि में जन्म लेना पड़ेगा और स्त्री-विरह सहना पड़ेगा। भगवान ने शाप प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार किया और माया हटा ली।

#बालकाण्ड#नारद शाप#विष्णु
रामचरितमानस — बालकाण्ड

नारदजी ने भगवान विष्णु से सुन्दर रूप का वरदान माँगा तो भगवान ने क्या किया?

नारदजी ने 'हरि रूप' माँगा — भगवान ने 'हरि' = वानर (बन्दर) का मुख दे दिया। 'हरि' शब्द का दोहरा अर्थ — विष्णु भी, वानर भी। भगवान ने मुनि के कल्याण (अभिमान तोड़ने) के लिये कुरूप बनाया पर माया से किसी को पता नहीं चला।

#बालकाण्ड#हरि रूप#वानर मुख
रामचरितमानस — बालकाण्ड

भगवान विष्णु ने नारदजी को मोहित करने के लिये क्या माया रची?

भगवान ने मायावी नगर रचा जिसमें एक अत्यन्त सुन्दर राजकुमारी थी (भगवान की माया)। स्वयंवर हो रहा था। नारदजी राजकुमारी का रूप देखकर वैराग्य भूल गये और मोहित हो गये — 'देखि रूप मुनि बिरति बिसारी।'

#बालकाण्ड#विष्णु माया#नारद मोह
पूजा विधि

कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु के किस स्वरूप (श्रीधर) की पूजा होती है?

इस दिन भगवान विष्णु के 'श्रीधर' (हृदय में लक्ष्मी को धारण करने वाले) स्वरूप की पूजा होती है। इनकी पूजा से अपार सुख, शांति और ऐश्वर्य मिलता है।

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पौराणिक कथा

भगवान विष्णु 4 महीने पाताल लोक में क्यों रहते हैं (राजा बलि की कथा)?

वामन अवतार के समय राजा बलि की दानवीरता से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसे वरदान दिया था कि वे 4 महीने (चातुर्मास) पाताल लोक में उसके महल के पहरेदार बनकर रहेंगे।

#राजा बलि#पाताल लोक#वामन अवतार
दार्शनिक आधार

क्या भगवान विष्णु सच में 4 महीने के लिए सोते हैं (योगनिद्रा)?

नहीं, यह कोई साधारण नींद नहीं है बल्कि 'योगनिद्रा' है। इस दौरान भगवान अपनी शक्तियों को प्रकृति के विकास (बारिश और हरियाली) में लगा देते हैं।

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