शुभ मुहूर्तदेवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को कैसे जगाते हैं?
जाग्रत मंत्र: 'उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पते...' शंख, घंटा, मृदंग, नगाड़े बजाते हैं। सूप या थाली बजाना लोक-परंपरा। इस मंत्र उच्चारण से चातुर्मास का समापन और विवाह आदि मांगलिक कार्यों का आरंभ शास्त्रसम्मत होता है।
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