विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु राजा बलि की रक्षा इसलिए करते हैं क्योंकि बलि ने उनके प्रति पूर्ण आत्म-समर्पण किया था। बलि ने अपना राज्य, ऐश्वर्य, वचन और अंत में अपना सिर भी भगवान वामन के चरणों में अर्पित कर दिया। भगवान वामन बलि के सर्वस्व त्याग, दृढ़ सत्यनिष्ठा और अनन्य भक्ति से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उन्हें सुतल लोक का राज्य दिया और स्वयं उनके रक्षक बनने का वरदान दिया। श्रीमद्भागवत के अनुसार साक्षात् भगवान, जो संपूर्ण जगत के गुरु और स्वयं नारायण हैं, बलि के द्वार पर गदा धारण कर खड़े रहते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनका हृदय अपने भक्तों के प्रति अगाध करुणा और कृपा से द्रवित रहता है।
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