📖
विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु ने अमृत-कुण्ड को गौ का रूप धारण करके समाप्त किया। मय दानव ने युद्ध के दौरान ऐसा कुण्ड बना लिया था जिसमें गिरने वाले मृत दानव तुरंत जीवित हो जाते थे। इस माया को नष्ट करने के लिए भगवान विष्णु ने गाय का रूप धारण किया और ब्रह्मा जी ने बछड़े का रूप धारण किया। दोनों ने उस कुण्ड का सारा अमृत पी लिया, जिससे असुरों की जीवन शक्ति क्षीण हो गई।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





