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वार

सोमवार वार — वार — व्रत, देव-पूजन, मंत्र प्रश्नोत्तर(42)

सोमवार वार से जुड़े 42 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

पूजा विधि

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

#चंद्र#पूजा#सोमवार
शिव पर्व

सावन के पहले सोमवार की पूजा में क्या विशेष करें?

पूरे सावन के व्रत का संकल्प लें। गंगाजल/कावड़ जल से अभिषेक। नई रुद्राक्ष माला अभिमंत्रित। दूध+शक्कर अभिषेक। बेलपत्र माला। शिव चालीसा/महामृत्युंजय नियमित आरंभ। दान (श्वेत वस्तुएं)। प्रदोष काल विशेष पूजा।

#पहला सोमवार#सावन#विशेष
शिव पर्व

श्रावण मास में सोमवार व्रत कैसे रखें, विधि सहित?

सूर्योदय पूर्व स्नान → संकल्प → जलाभिषेक → पंचामृत → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र → कर्पूर आरती। निराहार/फलाहार (अन्न-नमक वर्जित)। ब्रह्मचर्य। संध्या पूजा + कथा। सभी सोमवार व्रत — अधूरा अशुभ।

#श्रावण सोमवार#व्रत#विधि
स्त्री धर्म

अविवाहित लड़की सोमवार व्रत रख सकती क्या?

हाँ — विशेष शुभ। 16 सोमवार=अच्छा वर। पार्वती ने शिव हेतु व्रत किया। श्रावण सोमवार विशेष। शिवलिंग स्पर्श=परंपरा भिन्न (शास्त्रीय निषेध नहीं)। शिव=अर्धनारीश्वर।

#अविवाहित#सोमवार#व्रत
वार शास्त्र

सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

#सोमवार#शुभ कार्य#चंद्र
लोक

अष्ट वसुओं के नाम क्या हैं?

अष्ट वसुओं के नाम हैं: आप, ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभास।

#अष्ट वसु नाम#आप#ध्रुव
शुभ मुहूर्त

माँ मातंगी की साधना कब करनी चाहिए?

मातंगी साधना का समय: उच्छिष्ट मातंगी = सोमवार, रात्रि 9 बजे के बाद। राज मातंगी = रात्रि 10 बजे के बाद या ब्रह्म मुहूर्त। सामान्य मातंगी साधना = रात्रि 9 बजे के बाद।

#मातंगी साधना मुहूर्त#रात्रि 9 बजे#सोमवार
श्री रुद्र मंत्र साधना

श्री रुद्र मंत्र साधना कब शुरू करनी चाहिए?

श्री रुद्र मंत्र साधना सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि से प्रारंभ की जा सकती है।

#सोमवार#प्रदोष#शिवरात्रि
नैवेद्य और भोग

बटुक भैरव को सोमवार को क्या चढ़ाते हैं?

बटुक भैरव को सोमवार को मोतीचूर के लड्डू चढ़ाते हैं — इससे मानसिक स्थिरता का फल मिलता है।

#सोमवार नैवेद्य#मोतीचूर लड्डू#मानसिक स्थिरता
पाठ विधि और नियम

चन्द्रदोष निवारण के लिए चन्द्रशेखराष्टकम् कब पढ़ें?

चन्द्रदोष निवारण के लिए सोमवार प्रदोष काल, पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण सोमवार पर चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ विशेष फलदायी है।

#चन्द्रदोष निवारण#पूर्णिमा#सोमवार
पाठ विधि और नियम

चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए कौन सा दिन शुभ है?

सोमवार चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन है — यह चन्द्रमा और शिव दोनों का दिन है। पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी विशेष फल मिलता है।

#सोमवार#शुभ दिन#चन्द्रमा
पाठ विधि और नियम

चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ कब करना चाहिए?

चन्द्रशेखराष्टकम् सोमवार को प्रदोष काल में करें। विशेष फल के लिए पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण मास के सोमवार पर पाठ करें।

#पाठ समय#प्रदोष काल#सोमवार
विशेष कामना सिद्धि प्रयोग

राहु केतु दोष के लिए शिवलिंग पर क्या उपाय करें?

राहु-केतु दोष के लिए हर सोमवार शिवलिंग के पास काले तिल का दिया जलाएं और तिल के तेल से अभिषेक करें — मनोकामना दोहराते हुए यह उपाय करें।

#राहु केतु दोष#काले तिल दिया#सोमवार
विशेष कामना सिद्धि प्रयोग

शनि दोष के लिए रुद्राभिषेक में क्या करें?

शनि दोष के लिए हर सोमवार शिवलिंग के पास काले तिल का दिया जलाएं और तिल के तेल से अभिषेक करें — यह शनि और सर्प दोष निवारण में अत्यंत सहायक है।

#शनि दोष#काले तिल#दिया
स्तोत्र पाठ विधि और नियम

अर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के लिए कौन सा दिन सबसे शुभ है?

अर्धनारीश्वर स्तोत्र के लिए सोमवार सबसे शुभ दिन है। इसके अलावा नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर भी यह स्तोत्र विशेष फल देता है।

#सोमवार#नवरात्रि#महाशिवरात्रि
शिव शाबर मंत्र

शाबर साधना के लिए शुभ समय और तिथियां कौन सी हैं?

सावन का महीना, सोमवार, ग्रहण काल और पूर्णिमा साधना सिद्ध करने के लिए सर्वोत्तम समय हैं।

#शुभ समय#सावन#सोमवार
नियम निषेध

किन तिथियों और दिनों में बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए?

बेलपत्र को रात में, सोमवार के दिन, दोपहर के बाद और विशेष तिथियों (जैसे चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, अमावस्या, पूर्णिमा और संक्रांति) पर तोड़ना मना है।

#निषिद्ध काल#तिथियाँ#सोमवार
वार भेद और फल

रवि प्रदोष और सोम प्रदोष व्रत के विशिष्ट फल क्या हैं?

#रवि प्रदोष#सोम प्रदोष#आरोग्य
उद्यापन और दान

सोलह सोमवार का व्रत पूरा होने पर उद्यापन कैसे करते हैं?

17वें सोमवार को उद्यापन किया जाता है। गेहूं के आटे और गुड़ से 'चूरमा' बनाकर हवन किया जाता है। चूरमे के 3 हिस्से करके शिवजी को भोग लगाते हैं और ब्राह्मणों को दान व सात्विक भोजन कराते हैं।

#उद्यापन विधि#हवन#प्रसाद चूरमा
व्रत नियम और संकल्प

क्या पीरियड्स (मासिक धर्म) में सोमवार का व्रत रख सकते हैं?

हाँ, पीरियड्स में उपवास रख सकते हैं और मन में भगवान का नाम जप सकते हैं, लेकिन पूजा नहीं कर सकते। सोलह सोमवार में इस दिन को गिना नहीं जाता, इसे छोड़कर आगे गिनती बढ़ानी चाहिए।

#रजस्वला दोष#मासिक धर्म#महिलाओं के नियम
व्रत कथा

सोलह सोमवार व्रत की कथा (कहानी) क्या है?

यह कथा एक पुजारी की है जिसे पार्वती जी ने कोढ़ी होने का श्राप दिया था। 16 सोमवार व्रत करने से वह ठीक हो गया। इसी व्रत से पार्वती जी ने कार्तिकेय को और एक ब्राह्मण ने राजकुमारी को पाया।

#व्रत कथा#शिव पार्वती#सोलह सोमवार कथा
व्रत के लाभ

लड़कियां (अविवाहित कन्याएं) सोमवार का व्रत क्यों रखती हैं?

माता पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए यही व्रत और तपस्या की थी। इसलिए मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए अविवाहित कन्याएं यह व्रत रखती हैं।

#अविवाहित कन्याएं#मनोवांछित वर#माता पार्वती
व्रत के प्रकार

सोलह (16) सोमवार का व्रत कैसे किया जाता है और इसके क्या फायदे हैं?

यह व्रत लगातार 16 सोमवार तक कठिन नियमों और उपवास के साथ किया जाता है। इससे विवाह में आने वाली बाधाएं, असाध्य रोग दूर होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

#सोलह सोमवार#मनोकामना पूर्ति#व्रत फल
व्रत नियम और संकल्प

सोमवार व्रत का संकल्प कैसे लेते हैं और संकल्प मंत्र क्या है?

हाथ में जल, चावल, पान, सुपारी और सिक्का लेकर अपना नाम, गोत्र और मनोकामना बोलते हुए भगवान शिव-पार्वती की प्रसन्नता के लिए संस्कृत में संकल्प मंत्र पढ़ें और फिर जल जमीन पर छोड़ दें।

#संकल्प विधि#संकल्प मंत्र#व्रत प्रारंभ
व्रत नियम और संकल्प

सोमवार के व्रत में कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए?

व्रत के दिन साफ धुले हुए सफेद (श्वेत) कपड़े पहनना सबसे अच्छा माना जाता है। हरा और पीला रंग भी पहन सकते हैं, लेकिन काले रंग के कपड़े पहनना बिल्कुल मना है।

#वस्त्र नियम#सफेद रंग#वर्जित रंग
पूजा विधि

सोमवार व्रत की पूजा विधि क्या है और पूजा में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?

पूजा में दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, गंगाजल, सफेद फूल, बेलपत्र, चंदन और भस्म लगता है। शिव परिवार का ध्यान कर अभिषेक किया जाता है और फिर चंदन, अक्षत और बेलपत्र अर्पित कर आरती की जाती है।

#पूजा सामग्री#षोडशोपचार पूजा#शिव पंचायतन
आहार और नियम

सोमवार के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

व्रत में अनाज, साधारण नमक, प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा और बैंगन बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। केवल दूध, दही, फल, सूखे मेवे और सेंधा नमक से बना फलाहारी भोजन सूर्यास्त के बाद करना चाहिए।

#व्रत का खाना#फलाहार#वर्जित खाद्य
व्रत नियम और संकल्प

सोमवार का व्रत कब से शुरू करना चाहिए? (सही महीना और पक्ष)

सोमवार का व्रत चैत्र, वैशाख, श्रावण, कार्तिक या मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) के पहले सोमवार से शुरू करना सबसे शुभ माना जाता है।

#व्रत प्रारंभ#शुक्ल पक्ष#शुभ मास
वेद एवं शास्त्र

वेद में सोम क्या है?

वेद में सोम के तीन मुख्य अर्थ हैं — एक पर्वतीय लता जिसका रस यज्ञ में अर्पित होता था, चन्द्रमा, और प्रसंगानुसार ईश्वर/प्राण/आनन्द। यह मादक पदार्थ नहीं था — वेद में सोम और मद्य (सूरा) अलग-अलग बताये गये हैं। सोमरस पुष्टिकारक और आयुवर्धक था।

#सोम#सोमरस#ऋग्वेद
ज्योतिष दोष एवं उपाय

चंद्र ग्रह मजबूत करने सोमवार उपाय

सोमवार: शिव अभिषेक+'ॐ सों सोमाय नमः' 108+सफेद+दूध/चावल दान+मोती+माता सेवा+ध्यान।

#चंद्र#सोमवार#उपाय
दैनिक आचार

सोमवार को कौन सा रंग पहनना शुभ है

सोमवार = सफेद/क्रीम/हल्का नीला (चंद्रमा/शिव)। सप्ताह: सोम-सफेद, मंगल-लाल, बुध-हरा, गुरु-पीला, शुक्र-सफेद/गुलाबी, शनि-काला/नीला, रवि-लाल/केसरिया। ज्योतिष परंपरा — वैदिक में नहीं।

#सोमवार#रंग#चंद्रमा
शिव पूजा

शिवलिंग की स्थापना किस तिथि में करनी चाहिए?

शिवलिंग स्थापना तिथि: महाशिवरात्रि (सर्वोत्तम), सावन सोमवार, प्रदोष (त्रयोदशी), शुभ सोमवार। स्थिर लग्न। पुष्य/रोहिणी नक्षत्र। जलाधारी उत्तर मुख। स्थापना के बाद नित्य पूजा अनिवार्य — सम्भव न हो तो चित्र रखें।

#शिवलिंग स्थापना#शुभ तिथि#प्राण प्रतिष्ठा
ग्रह दोष शांति

चंद्र ग्रह शांति के लिए कौन सा उपाय करें?

चन्द्र शांति: शिव पूजन-अभिषेक (सर्वश्रेष्ठ) → 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः' 11000 जप → पलाश समिधा-दूध-चावल हवन → सोमवार व्रत → दान (चावल, दूध, चाँदी, मोती) → माता सेवा (सबसे प्रभावी व्यावहारिक उपाय)।

#चंद्र ग्रह#चंद्र शांति#सोमवार
शिव पूजा

सावन सोमवार व्रत कैसे रखें?

सावन सोमवार व्रत: ब्रह्म मुहूर्त — स्नान → श्वेत/पीत वस्त्र → जलाभिषेक → 108 बार 'ॐ नमः शिवाय'। सामग्री: बिल्वपत्र, धतूरा, भाँग, भस्म, दूध। आहार: निराहार (सर्वोत्तम) या एकाहार-फलाहार, नमक वर्जित। सायं — व्रत-कथा → आरती → परिक्रमा। 4-5 सोमवार बाद उद्यापन।

#सावन सोमवार#व्रत#विधि
शिव पूजा

जलाभिषेक करने का सही समय क्या है?

जलाभिषेक समय: ब्रह्म मुहूर्त (सर्वोत्तम)। प्रदोष काल (त्रयोदशी को सूर्यास्त बाद — स्कंद पुराण)। सोमवार — शिव-दिन। सावन — संपूर्ण मास श्रेष्ठ। महाशिवरात्रि — 4 प्रहर अभिषेक। राहु काल में वर्जित।

#जलाभिषेक#समय#प्रदोष
पूजा समय

शिवलिंग की पूजा कब करनी चाहिए?

शिवलिंग पूजा के लिए: ब्रह्ममुहूर्त सर्वोत्तम, प्रदोष काल शिव का विशेष समय। सोमवार और श्रावण मास में पूजा विशेष पुण्यकारी है। प्रदोष व्रत (त्रयोदशी) — शिव पूजा का महाकाल। नित्य एक निश्चित समय पर पूजा करें।

#पूजा समय#प्रदोष#सोमवार
जप समय

शिव मंत्र जप का सही समय क्या है?

शिव मंत्र जप के लिए: ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4-5:36) सर्वोत्तम। प्रदोष काल (त्रयोदशी की सायं) शिव का विशेष समय — इस काल में जप महाफलदायी। सोमवार और श्रावण मास में नित्य जप विशेष पुण्यकारी।

#शिव जप समय#प्रदोष#ब्रह्ममुहूर्त
व्रत विधि

सोमवार व्रत करने का सही तरीका क्या है?

सोमवार व्रत में: स्नान, श्वेत वस्त्र, शिवलिंग पर जल-पंचामृत, बेलपत्र, 108 बार 'ॐ नमः शिवाय', आरती। एकभोजन (सूर्यास्त के बाद), मांस-मदिरा वर्जित। 16 सोमवार व्रत विशेष मनोकामना के लिए — 17वें सोमवार उद्यापन।

#सोमवार व्रत#शिव व्रत#नियम
पूजा विधि

शिवलिंग की पूजा कब करनी चाहिए?

प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त और प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) शिव पूजा के सर्वश्रेष्ठ समय हैं। सोमवार और त्रयोदशी (प्रदोष) विशेष रूप से शुभ हैं। सावन माह और महाशिवरात्रि सर्वोत्तम अवसर हैं।

#पूजा समय#शिव पूजा#प्रदोष
व्रत विधि

सोमवार व्रत करने का सही तरीका क्या है?

सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करके शिव पूजा करें — जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें। दिन में एक बार फलाहार लें, नमक का त्याग करें और सायंकाल व्रत कथा सुनें।

#सोमवार व्रत#शिव व्रत#उपवास
शिव पर्व

श्रावण सोमवार व्रत की पूजा विधि और नियम क्या हैं?

व्रत: सूर्योदय-सूर्यास्त, निराहार/फलाहार, ब्रह्मचर्य। पूजा: जलाभिषेक → पंचामृत → चंदन → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र → कर्पूर आरती → कथा। सभी सोमवार व्रत रखें — अधूरा अशुभ। 16 सोमवार व्रत भी विकल्प।

#श्रावण सोमवार#व्रत#विधि
शिव पर्व

सोम प्रदोष और शनि प्रदोष में शिव पूजा कैसे अलग होती है?

सोम प्रदोष: सर्वश्रेष्ठ — दूध अभिषेक, चंद्र दोष शांति, मनोकामना, दाम्पत्य सुख। शनि प्रदोष: शनि दोष निवारण — तिल तेल दीपक, सरसों तेल अभिषेक, साढ़ेसाती/ढैय्या मुक्ति। दोनों में प्रदोष काल (संध्या) पूजा समान।

#सोम प्रदोष#शनि प्रदोष#त्रयोदशी
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
सभी पर्व देखें

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।

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