विस्तृत उत्तर
अघोर = 'अ-घोर' = जो भयंकर (घोर) नहीं — सबमें शिव दर्शन:
रहस्य
- 1सबमें शिव: अघोर दर्शन = 'सुंदर-कुरूप, जीवित-मृत = सब शिव।' शव = शिव का एक रूप। शव पूजा = शिव पूजा।
- 2भय नाश: मृत्यु = सबसे बड़ा भय। शव पर बैठना = भय से पूर्ण मुक्ति → अभय।
- 3अहंकार नाश: शव = 'यह शरीर एक दिन ऐसा होगा' → अहंकार शून्य।
- 4द्वंद्व नाश: सुंदर/कुरूप, शुद्ध/अशुद्ध = कोई भेद नहीं → अद्वैत बोध।
- 5ऊर्जा: श्मशान/शव = अत्यंत शक्तिशाली ऊर्जा — तांत्रिक ग्रहण।
सावधानी: अघोर = अत्यंत उन्नत मार्ग। सामान्य भक्तों के लिए नहीं। बिना गुरु = मानसिक विकृति। कानूनी प्रश्न भी।
needs_review: अत्यंत संवेदनशील — विधि विवरण अनुचित।
