ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
तंत्र साधना📜 अघोर परंपरा, शैव तंत्र1 मिनट पठन

अघोरी साधक शव साधना क्यों करते हैं — इसका रहस्य क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

'सबमें शिव' — शव = शिव रूप। भय नाश (मृत्यु भय), अहंकार शून्य, द्वंद्व नाश (अद्वैत), ऊर्जा ग्रहण। अत्यंत उन्नत — सामान्य के लिए नहीं। गुरु+कानूनी।

📖

विस्तृत उत्तर

अघोर = 'अ-घोर' = जो भयंकर (घोर) नहीं — सबमें शिव दर्शन:

रहस्य

  1. 1सबमें शिव: अघोर दर्शन = 'सुंदर-कुरूप, जीवित-मृत = सब शिव।' शव = शिव का एक रूप। शव पूजा = शिव पूजा।
  2. 2भय नाश: मृत्यु = सबसे बड़ा भय। शव पर बैठना = भय से पूर्ण मुक्ति → अभय।
  3. 3अहंकार नाश: शव = 'यह शरीर एक दिन ऐसा होगा' → अहंकार शून्य।
  4. 4द्वंद्व नाश: सुंदर/कुरूप, शुद्ध/अशुद्ध = कोई भेद नहीं → अद्वैत बोध।
  5. 5ऊर्जा: श्मशान/शव = अत्यंत शक्तिशाली ऊर्जा — तांत्रिक ग्रहण।

सावधानी: अघोर = अत्यंत उन्नत मार्ग। सामान्य भक्तों के लिए नहीं। बिना गुरु = मानसिक विकृति। कानूनी प्रश्न भी।

needs_review: अत्यंत संवेदनशील — विधि विवरण अनुचित।

📜
शास्त्रीय स्रोत
अघोर परंपरा, शैव तंत्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

अघोरीशव साधनारहस्यकारणशिव

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

अघोरी साधक शव साधना क्यों करते हैं — इसका रहस्य क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको तंत्र साधना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर अघोर परंपरा, शैव तंत्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।