विस्तृत उत्तर
प्रातः काल स्नान के जल में गंगाजल और दूर्वा डालकर स्नान करें। घर के ईशान कोण में चौकी पर हरा वस्त्र बिछाकर अक्षत से अष्टदल कमल बनाएं। कलश स्थापित करें और गणेश जी तथा बुध देव (या सुपारी) की प्रतिमा रखें। संकल्प लेने के बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से स्नान कराएं। गणेश जी को रक्त चंदन, सिंदूर, गुड़हल के लाल फूल, 21 दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं। बुध देव को हरा वस्त्र और मूंग का हलवा अर्पित करें। अंत में धूप-दीप जलाकर आरती और परिक्रमा करें।





