विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में धोखा देने वाले और छल-कपट करने वालों के दंड का विस्तृत वर्णन है।
सुघोर्म नरक — 'अन्याय करने वालों को खौलते तेल में डाला जाता है।' धोखा एक प्रकार का अन्याय है।
छल-कपटी का अगला जन्म — 'गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो मनुष्य छल, कपट और धोखा देते हैं, वो अगले जीवन में उल्लू बनते हैं।' यह अत्यंत हीन योनि है।
मित्र-द्रोह — गरुड़ पुराण में मित्रद्रोही को महापापी कहा गया है। उसके लिए विशेष दंड है।
गुरु को धोखा — 'महापातक नरक में गुरु को धोखा देने वालों को कीड़े खाते हैं।' गुरु का विश्वासघात सर्वाधिक गंभीर पाप है।
विश्वासघात — गरुड़ पुराण में 'विश्वासघात करने वाला' प्रेत योनि को जाता है। धोखा देने वाले परिजन भी प्रेत-योनि का कारण बन सकते हैं।
इस जन्म में भी — 'दूसरों की मेहनत की कमाई को छल-कपट से छीनने वाले जीवन में कभी स्थायी सुख प्राप्त नहीं कर पाते।'





