विस्तृत उत्तर
घर या दुकान के दरवाजे पर नींबू-मिर्ची लटकाने की परंपरा सदियों पुरानी है। इसके पीछे धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक — तीनों प्रकार के कारण बताए जाते हैं।
धार्मिक मान्यता: मान्यता है कि धन की देवी लक्ष्मी की एक बहन हैं जिनका नाम 'अलक्ष्मी' है — वे दरिद्रता और दुर्भाग्य की प्रतीक हैं। माता लक्ष्मी को मीठा और सुगंधित भोजन प्रिय है, जबकि अलक्ष्मी को खट्टा और तीखा। इसलिए नींबू (खट्टा) और मिर्ची (तीखी) दरवाजे पर लटकाई जाती हैं — ताकि अलक्ष्मी दरवाजे के बाहर ही संतुष्ट होकर घर में प्रवेश न करे।
नजर से सुरक्षा: नींबू का खट्टापन और मिर्ची का तीखापन किसी की बुरी नजर या तीव्र दृष्टि को एकाग्र नहीं रहने देता — जो व्यक्ति ध्यान से घर को देखता है, नींबू-मिर्ची देखते ही उसका मन उस ओर से हट जाता है। इस तरह घर को बुरी नजर नहीं लगती।
वैज्ञानिक दृष्टि: नींबू में साइट्रिक एसिड और मिर्ची में तीखी गंध होती है जो कपड़े के धागे में रस को अवशोषित करती है। जब हवा का झोंका लगता है तो ये तत्व वातावरण में फैलकर बैक्टीरिया और कीटाणुओं को नष्ट करते हैं। मक्खी-मच्छर भी इनकी तीव्र गंध से दूर रहते हैं।
नींबू-मिर्ची लगाने का सही तरीका: एक नींबू के साथ सात मिर्चियाँ काले धागे में पिरोकर लटकाएं। मंगलवार या शनिवार को सुबह या शाम के समय लटकाना शुभ है। सूखने पर बदल देना चाहिए।



