विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव की उपासना में वर्ण, जाति अथवा लिंग का कोई भेद नहीं है। लोक में अपने वर्ण और आश्रम के अनुसार आचरण करते हुए सदाचार का पालन करने वाला प्रत्येक व्यक्ति शिव-पद का अधिकारी है।
अतः महिलाएं भी पूर्ण श्रद्धा और शास्त्रोक्त विधि से रुद्राभिषेक करने की अधिकारी हैं।





