विस्तृत उत्तर
हाँ — महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं।शास्त्रीय आधार
- ▸शास्त्रों में महिलाओं के लिए भक्ति मार्ग में कोई प्रतिबंध नहीं।
- ▸*'कई धार्मिक गुरु और आचार्य इस बात पर जोर देते हैं कि भक्ति में लिंग भेदभाव नहीं होना चाहिए।'*
- ▸*'महिलाएं हनुमान चालीसा, संकट मोचन, हनुमानाष्टक, सुंदरकांड का पाठ कर सकती हैं।'*
विरोध क्यों: हनुमान = ब्रह्मचारी। कुछ रूढ़िवादी = महिलाएँ हनुमान पूजा न करें। पर यह सामाजिक परंपरा — शास्त्रीय नियम नहीं।कुछ सावधानियाँ
- ▸महिलाएँ हनुमान मूर्ति को स्पर्श न करें (कुछ मंदिरों में)।
- ▸लंबे अनुष्ठान (हनुमान सिद्धि) = कुछ परंपरा में वर्जित।
- ▸चालीसा/सुंदरकांड/बजरंग बाण पढ़ना = पूर्णतः मान्य।सार: हनुमान = भक्तवत्सल — सभी भक्तों का कल्याण करते हैं, चाहे स्त्री हो या पुरुष।





