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विस्तृत उत्तर
रोग-निवारण एवं दीर्घायु की प्राप्ति हेतु सामान्य हवन सामग्री (यव, चावल) के अतिरिक्त विशिष्ट जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है। प्रामाणिक महामृत्युंजय हवन सामग्री में निम्नलिखित औषधियां सम्मिलित होती हैं:
- ▸गिलोय (अमृता): आयुर्वेद में 'अमृता' कहलाती है। इसकी आहुति रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाती है और दीर्घायु प्रदान करती है।
- ▸आंवला, हरड़, बहेड़ा (त्रिफला): वात, पित्त और कफ (Tridosha) के असंतुलन को दूर करता है।
- ▸काले तिल (Sesame): नकारात्मक ऊर्जाओं, पाप कर्मों और अनिष्ट शक्तियों के नाश का परम प्रतीक।
- ▸गाय का शुद्ध घी (Cow Ghee): आहुति का प्रमुख संवाहक माध्यम। वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और प्राणवायु छोड़ता है।
- ▸गुड़ एवं पंचमेवा: जीवन में मिठास, शारीरिक बल, समृद्धि और पोषण (पुष्टिवर्धनम्) के प्रतीक।
- ▸आम की समिधा (Mango Wood): जलने पर फॉर्मिक एल्डिहाइड जैसी गैसें उत्पन्न करती है जो हानिकारक जीवाणुओं का नाश करती हैं।
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