विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में महापापी को मिलने वाले दंड का अत्यंत विस्तृत और भयावह वर्णन है।
यमलोक में दक्षिण द्वार से प्रवेश — गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में — 'धार्मिक जन धर्मराजपुर में तीन दिशाओं में स्थित द्वारों से जाते हैं और पापी पुरुष दक्षिण-द्वार के मार्ग से ही वहाँ जाते हैं।' महापापी का यह सबसे भयावह मार्ग है।
वैतरणी की यातना — गरुड़ पुराण में — 'इसी महादुःखदायी दक्षिण मार्ग में वैतरणी नदी है, उसमें जो पापी पुरुष जाते हैं — जो ब्राह्मणों की हत्या करने वाले, सुरापान करने वाले, गोघाती हैं — वे वैतरणी में महान दुःख भोग करते हैं।'
भयंकर नरक — महापापियों के लिए रौरव, महारौरव, कुंभीपाक जैसे भयंकर नरक निर्धारित हैं।
लंबा दंड-काल — महापाप के कारण दंड-काल अत्यंत लंबा होता है। 'सदा पापकर्मों में लगे हुए प्राणी एक नरक से दूसरे नरक को प्राप्त होते हैं।'
इस जन्म में भी — 'महापाप करने वाले व्यक्ति को न केवल जीवित रहते हुए कष्ट झेलने पड़ते हैं, बल्कि मृत्यु के पश्चात भी यमलोक में कठोर दंड भुगतना पड़ता है।'





