विस्तृत उत्तर
चित्त की चंचलता दूर करने के लिए मानसिक जप अत्यंत आवश्यक है। इस दिन 'द्वादशाक्षर मंत्र' (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) का 108 बार जाप करें। इसके अलावा विष्णु गायत्री, 'ॐ नमो नारायणाय' और धन्वंतरी मंत्र का जाप भी कल्याणकारी है। स्तोत्र पाठ में 'विष्णु सहस्रनाम' (ग्रह दोष निवारण हेतु), 'श्री सिद्धिलक्ष्मी स्तोत्र' (धन-ऐश्वर्य हेतु), 'नारायण कवच' (रक्षा हेतु) और श्रीमद्भगवद्गीता (विशेषकर 11वां अध्याय) का पाठ सर्वोत्तम है।





