विस्तृत उत्तर
नागपाश का प्रतिकार केवल एक है — गरुड़देव।
कोई अस्त्र नहीं — वाल्मीकि रामायण में विभीषण ने स्पष्ट कहा कि नागपाश से कोई भी अस्त्र-शस्त्र नहीं बचा सकता। यह इतना घातक है कि एक बार इसमें जकड़ने पर मृत्यु तक छूटने का उपाय नहीं।
एकमात्र उपाय — गरुड़देव ही नागपाश का एकमात्र प्रतिकार हैं। नाग और गरुड़ परम्परागत शत्रु हैं। जहाँ गरुड़ आते हैं वहाँ नाग नहीं टिक सकते। गरुड़ की चोंच से नागों का नाश होते ही नागपाश स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है।
हनुमान की भूमिका — हनुमानजी यह रहस्य जानते थे। उन्होंने तत्काल गरुड़ के पास जाकर उन्हें लंका लाया। यह भी एक कारण है जिसे देखकर रावण को गहरा आघात लगा कि श्रीराम की सेना में ऐसे ज्ञानी और सक्षम सेनापति हैं।





