विस्तृत उत्तर
स्नान के पानी में काले तिल डालकर नहाएं और काले या नीले कपड़े पहनें। पश्चिम दिशा की ओर मुख करके शनि यंत्र या प्रतीक (सुपारी) स्थापित करें। शनि देव को सरसों का तेल (तैलभ्यंग) अर्पित करें। नीले फूल (अपराजिता), शमी पत्र, और काले तिल चढ़ाएं। सरसों के तेल का दीपक जलाएं (उसमें एक लोहे की कील डाल दें) और उड़द की दाल या काले तिल के लड्डू का भोग लगाकर कथा व आरती करें।





