विस्तृत उत्तर
शिवरात्रि की रात को चार हिस्सों (प्रहर) में बांटा जाता है। पहले प्रहर में जल और दूध से अभिषेक होता है, दूसरे में दही और चंदन से, तीसरे में घी से और चौथे प्रहर में शहद व गन्ने के रस से अभिषेक करने का विधान है। हर प्रहर में अलग-अलग मंत्रों के साथ शिव के अलग-अलग रूपों (सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष) की पूजा की जाती है।





