विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में तामिस्र नरक में जीव को रखने की विधि का वर्णन है।
अंधकारमय गुफा में बंद — 'जो मनुष्य लोभ या स्वाद के लिए निर्दोष जानवरों की हत्या करता है, उसे मरने के बाद तामिस्र नरक में भेजा जाता है। यहाँ आत्मा को अंधकारमय गुफा में बंद कर, लोहे की छड़ों से लगातार पीटा जाता है।'
कोई प्रकाश नहीं — तामिस्र = घना अंधकार। इस नरक में कोई प्रकाश नहीं होता। आत्मा को न दिन दिखता है, न रात — केवल घना अंधकार।
कोई शांति नहीं — 'उसे कोई शांति नहीं मिलती, केवल तड़प ही उसका भाग्य होता है। इस नरक में वे लोग जाते हैं जिन्होंने पक्षियों या छोटे जीवों को बिना कारण मारा हो।'
पक्षी-आक्रमण — 'यहाँ पर नरक यातना में उन पर कौवे और उल्लू जैसे भयावह पक्षी लगातार हमला करते हैं और शरीर को नोचते रहते हैं।'
निरंतर पिटाई — लोहे की छड़ों से बंद अंधकारमय गुफा में लगातार पिटाई — यही तामिस्र नरक में रहने की स्थिति है।





